टोल फ्री बना रहेगा DND, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद HC के फैसले को सही बताया

नई दिल्ली: दिल्ली-नोएडा DND टोल फ्री बना रहेगा। टोल वसूलने वाली कंपनी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए रोक से इनकार किया।

कुछ दिनों पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली-नोएडा DND को टोल फ्री करने का आदेश दिया था। जिसके बाद इस टोल ब्रिज पर वसूली बंद हो गई थी। इससे वहां से गुजरनेवाले लोगों ने भी काफी राहत महसूस की थी। क्योंकि काफी दिनों से DND को टोल फ्री करने की मांग हो रही थी। इसकी वजह ये थी कि जितने में इस ओवरब्रिज को बनाया गया था उससे कई गुना ज्यादा की वसूली हो चुकी थी।

दिल्ली-नोएडा DND 2001 से शुरु हुआ था। इस फ्लाइओवर को बनाने में 407 करोड़ की लागत आई थी। लेकिन कंपनी अबतक तकरीबन 2200 करोड़ की वसूली कर चुकी है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने इसे तत्काल प्रभाव से टोल फ्री करने का आदेश दिया थी। पिछले काफी वक्त से इसे टोल फ्री करने की मांग भी की जा रही थी। कई संगठनों की तरफ से दिल्ली-नोएडा DND को टोल फ्री करने के लिए याचिका दायर की थी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि लागत से कई गुना ज्यादा वसूली की जा चुकी है। इस ओवर ब्रिज को बनाने वाली कंपनी और नोएडा अथॉरिटी के बीच हुए एकतरफा करार का खामियाजा जनता को नहीं भुगतने दिया जाएगा। लेकिन कंपनी की तरफ से कहा जा रहा था कि उसे अभी भी काफी घाटा हो रहा है। इसपर कोर्ट ने कहा कि जिस तरह का एकतरफा करार किया गया है उससे कंपनी का घाटा कभी पूरा नहीं होगा। चुकी लागत से कई गुना ज्यादा वसूली हो चुकी है इसलिए अब इसे आगे जारी नहीं रखा जा सकता।

दिल्ली-नोएडा DND से रोजाना तकरीबन 2 लाख छोटी बड़ी गाड़ियां गुजरती हैं। और टोल वसूल करनेवाली कंपनी रोजाना तकरीबन 22 लाख रुपये की कमाई करती थी। DND को टोल फ्री करने के लिए कई बार प्रदर्शन भी हो चुका था। लेकिन हरबार कंपनी अपनी घाटे का हवाला देकर इसे टोल फ्री करने से इनकार करती रही। लेकिन इसबार कंपनी की एक भी दलील काम नहीं आई।

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