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नोटबंदी से चीन की ये कंपनियां हो रही हैं मालामाल

नोटबंदी से चीन की ये कंपनियां हो रही हैं मालामाल

नई दिल्ली: 8 नवंबर को जब पीएम मोदी ने नोटबंदी का एलान किया उससे पहले तक एक लहर चल रही थी चीनी सामान के बहिष्कार की। दिवाली के मौके पर बाजार में चीनी सामान पर इसका असर भी देखा जा रहा था। जब लोग चीनी सामान से दूरी बना रहे थे। लेकिन जब से नोटबंदी लागू हुई है कहानी पूरी तरह से बदल गई। इसकी वजह है कैशलेश ट्रांजैक्शन की तरफ लोगों को बढ़ता झुकाव।

इस वक्त देश में दो ई-वॉलेट कंपनियां चर्चा में हैं। जिनमें एक है पेटीएम और दूसरा है फ्रीचार्ज। इन कंपनियों में चीनी कंपनी अलीबाबा का भारी भरकम निवेश है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र में दो और बड़े प्लेयर्स मोबिक्विक और ऑक्सीजन का कहना है कि चीनी निवेश के लिए उनकी बात चल रही है। ई-वॉलेट कंपनी के एक बड़े अधिकारी ने कहा नोटबंदी के चलते ई-पेमेंट फर्म्स को निवेश हासिल करने के लिए बड़ा मौका मिला है।

नोटबंदी के एलान के बाद देश की तकरीबन 86 फीसदी मुद्रा अवैध हो गई। जिसकी वजह से नकदी की कमी हो गई। इसलिए लोग अब ई-पेमेंट का विकल्प तलाश रहे हैं। क्योंकि एटीएम और बैंकों में लोगों की लंबी कतार है और सभी के पास समय की कमी है।

पेटीएम के मुताबिक नोटबंदी के बाद उनकी ग्रोथ 1000 फीसदी बढ़ गई। पेटीएम पर हर दिन 1.2 अरब डॉलर की 70 लाख ट्रांजैक्शन हो रही है। इस तरह की दूसरी कंपनियां भी मान रही हैं कि भारत में नोटबंदी के बाद उनका कारोबार काफी बढ़ा है। पेटीएम में चीन की अलीबाबा कंपनी की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी 40 फीसदी है। इसी तरह से एक दूसरी ई-पेमेंट कंपनी मोबिक्विक का मानना है कि नोटबंदी के बाद कंपनी की ट्रांजैक्शन में 7000 फीसदी का इजाफा हुआ है।

नोटबंदी के बाद भारत कैशलेश ट्रांजैक्शन की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम कर रही चीनी कंपनियां अब भारत में एक स्वर्णिम अवसर देख रही हैं।

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