PM को नोटबंदी की सलाह देने वाले नाराज ‘सरकार ने आधे सुझाव माने’!




नई दिल्ली: पीएम मोदी ने नोटबंदी का एलान किया तो हर तरह हलचल तेज हो गई। जिनके पास कालाधन था वो इसलिए परेशान हो गए क्योंकि उन्हें ये चिंता थी अपना पैसा कहां छिपाए और कैसे बचाए। तो जिनके पास कालाधान नहीं था वो इसलिए परेशान थे कि 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद अब वो घर का खर्च चलाने के लिए पैसे कहां से जुटाएं। क्योंकि 500 और 1000 रुपये के जो नोट पास में थे वो बेकार हो गए।

लेकिन पूणे निवासी अनिल बोकिल और उनके थिंकटैंक अर्थक्रांति ने दावा किया था कि उनकी सलाह पर ही पीएम ने नोटबंदी का फैसला लिया। लेकिन अब नोटबंदी की सलाह देनेवाले ही सरकार से नाराज हो गए हैं।

कालेधन के खिलाफ उठाए गए कदम को सर्जिकल स्ट्राइक की संज्ञा दी जा रही है। लेकिन अनिल बोकिल बता रहे हैं कि इस सर्जिकल स्ट्राइक में कहां गड़बड़ी हुई जिसमें जनता फंस गई। मुंबई मिरर को दिये इंटर्व्यू में उन्होंने कहा उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने एक व्यापक प्रस्ताव रखा था। जिसके पांच आयाम थे। लेकिन सरकार ने इसमें से केवल दो को ही चुना। यह कदम अचानक उठाया गया कदम था। अनिल बोकिल ने कहा सरकार के कदम की ना तो तारीफ की जा सकती है और ना ही इसे पूरी तरह से नकारा जा सकता है। हम इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं। अनिल बोकिल के मुताबिक जो रोडमैप उनकी तरफ से दिया गया था अगर उसे लागू किया जाता तो ये हालात नहीं बनते।

1. केंद्र या राज्य सरकारों के साथ साथ स्थानीय निकायों द्वारा वसूलेजाने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सभी करों का पूरी तरह से खात्मा हो।

2. ये टैक्सेस बैंक ट्रांजेक्शन टैक्स यानि (बीटीटी) में बदले जाने थे। जिसके तहत बैंक के अंदर सभी प्रकार के लेनदेन पर लेवी (2 फीसदी के करीब) लागू होती। यह प्रक्रिया सोर्स पर सिंगल पॉइंट टैक्स लगाने की होती। इससे जो पैसा मिलते उसे सरकार के खाते में अलग अलग स्तर जैसे (केंद्र, राज्य, स्थानीय निकाय आदि के लिए क्रमश: 0.7 फीसदी, 0.6 और 0.35 फीसदी) के हिसाब से बांट दिये जाते। इसमें संबंधित बैंकों को भी 0.35 फीसदी हिस्सा मिलता।

3. कैश ट्रांजेक्शन पर कोई टैक्स नहीं लिया जाए

4. सभी तरह की ऊंचे मूल्य की करेंसी यानि 100, 500 और 1000 की करेंसी वापस ली जाए

5. सरकार निकासी की सीमा 2000 रुपये तक किये जाने के लिए कानूनी प्रावधान बनाए

अनिल बोकिल का कहना है कि अगर ये सभी सुझाव मान लिये गए होते तो इससे आम आदमी को तो फायदा होता ही साथ में पूरी व्यवस्था ही बदल जाती। साथ ही बोकिल ने कहा कि सरकार ने जो 2000 का नोट जारी किया है उसे हम वापस लेने का प्रस्ताव रख रहे हैं।

दरअसल प्रधानमंत्री को नोटबंदी की सलाह देश में आर्थिक-सामाजिक बदलाव को समर्पित थिंक टैंक ‘अर्थक्रांति’ से जुड़े अनिल बोकिल ने काला धन को खत्म करने के लिए दिये थे। इनमें से एक सुझाव बड़े नोटों को बंद करने का भी था। बोकिल ने प्रधानमंत्री से मुलाकत के लिए बस 9 मिनट का वक्त मांगा था। लेकिन जब दोनों की मुलाकात हुई तो तकरीबन ढाई घंटे तक चली।

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