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ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही US में H1-B वीजा पर काम करनेवाले हो जाएंगे बेरोजगार?

ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही US में H1-B वीजा पर काम करनेवाले हो जाएंगे बेरोजगार?

नई दिल्ली: अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी कहा था और अभी भी कह रहे हैं कि आउटसोर्सिंग को खत्म करेंगे। ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि अमेरिकियों की नौकरी छीनकर बाहरी लोगों को नौकरी पर रखनेवाली कंपनियों को अपनी नीति बदलनी होगी। कहने का मतलब ये है कि अमेरिका में H1-B वीजा पर काम करनेवालों की नौकरी खतरे में है। इसमें ज्यादातर भारतीय हैं।

आयवा में अपने समर्थकों से ट्रंप ने कहा ‘हम हर अमेरिकी की जिंदगी सुरक्षित करने के लिए लड़ेंगे। कैंपेन के दौरान मैंने उन अमेरिकी कामगारों के साथ भी वक्त बिताया जिन्हें उनलोगों को प्रशिक्षण देना पड़ा था जिन्हें बाद में उन्हीं की जगह नौकरी पर रख लिया गया। उन्हें हटाने के लिए विदेशी कामगारों को लाया गया। अब हम ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे।‘

ट्रंप अमेरिकियों के हित में भाषण दे रहे थे और वहां मौजूद लोग तालियां बजा रहे थे। क्योंकि उन्हें ट्रंप के भाषण में अपने लिए भरपूर रोजगार के अवसर दिखाई दे रहे थे। ट्रंप ने आगे कहा ‘आपको नौकरी से निकाल दिया गया। और कंपनी आपको आपके पैसे तबतक नहीं देंगे जबतक कि आप उन लोगों को प्रशिक्षित नहीं कर दें जो आपकी जगह पर रखे जाएंगे। मेरे हिसाब से इससे ज्यादा अपमान वाली बात और कोई नहीं हो सकती।‘

दरअसल डिज्नीवर्ल्ड समेत तीन आउटसोर्सिंग कंपनियों पर इनके दो पूर्व कर्मचारियों ने संघीय कानून के तहत केस दर्ज करवाया है। शिकायत में कहा गया है कि इन कंपिनयों ने अमेरिकी कामगारों को हटाकर H1-B वीजा पर काम करने वाले सस्ते विदेशी मजदूरों को काम पर रख लिया है। इनमें ज्यादातर भारतीय हैं। ये दोनों कर्मचारी उन 250 कर्मचारियों में शामिल हैं जिन्हें 2015 में डिज्नी वर्ल्ड ने नौकरी से निकाल दिया था।

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