कमजोर दिल वाले इसे न देखें, सेना के जवानों की ट्रेनिंग का वीडियो वायरल !

नई दिल्ली: सोशल साइट्स पर इनदिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है ये सेना के जवानों की ट्रेनिंग का वीडियो है। इस वीडियो में कैडेट्स को रस्सी और छड़ी से पीटा जा रहा है। एक एक कर कैडेट्स सामने आ रहे हैं और उनके शरीर के पिछले हिस्से में वहां मौजूद सेना के जवान डंडे बरसा रहे हैं। इस वीडियो को यू-ट्यूब से लिया गया है। newstrendindia इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

यू-ट्यूब में जो वीडियो अपलोड किया गया है उसके साथ लिखा गया है सेना के जवानों की ट्रेनिंग का हिस्सा है। साथ ही उसमें लिखा गया है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जवान शारीरिक रुप से मजबूत बनें और उनमें दर्द को बर्दाश्त करने की शक्ति बढ़े। यहां एकबार फिर से साफ कर देना चाहूंगा की newstrendindia वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर रहा है।

इसमें साफतौर पर देखा जा सकता है कि एक अधिकारी जो सामने खड़ा है उसने अपने दोनों पैरों के बीच एक कैडेट के गर्दन को दबाकर रखा है। कैडेट्स के दोनों हाथ को अधिकारी अपने जूतों से दबाकर रखता है और बगल में खड़े दो जवान उसके शरीर के पिछले हिस्से में जोर-जोर से छड़ी और रस्सी से वार कर रहे हैं। जिस कैडेट को इस तरह से पीटा जा रहा है वो दर्द से चीखता भी है लेकिन इसके बावजूद उसे पीटा जा रहा है।

वीडियो में कई कैडेट्स ऐसे भी दिखाई दे रहे हैं जो इस पिटाई से बचने के लिए भागने की कोशिश करते हैं। लेकिन उन्हें दोबारा पकड़ा जाता है और फिर उनकी पिटाई की जाती है। पिटाई इतनी जार से की जा रही है कि कई बार छड़ी टूट भी गई लेकिन फिर उसकी जगह पर दूसरी छड़ी लेकर पिटाई की जाती है।

इसी वीडियो में दूर खड़े कुछ कैडेट्स भी दिखाई दे रहे हैं और जिनकी पिटाई की बारी पूरी हो जाती है वो उन्हीं कैडेट्स के बीच जाकर खड़े हो रहे हैं। इससे ये प्रतीत होता है कि जितने कैडेट्स की पिटाई इस वीडियो में की गई है उसके अलावे भी कई हैं जिनकी पिटाई करना तथाकथित सेना की इस ट्रेनिंग का हिस्सा है।

जो पिटाई कर रहे हैं उन्होंने सफेद टीशर्ट और लोअर पहन रखा है। पिटाई करनेवाले जवान के टीशर्ट पर पीछे की तरफ अंग्रेजी में आर्मी भी लिखा हुआ है। लेकन जिनकी पिटाई की जा रही है वो सब काली या डार्क ब्लू टीशर्ट और इसी रंग के लोअर में है। इससे जाहिर होता है कि जो पिटाई कर रहे हैं वो इनके ट्रेनर रहे होंगे।

ये पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि ये सचमुच में सेना की ट्रेनिंग का हिस्सा है या फिर किसी तरह का रैगिंग। इनमें से जो कैडेट्स के सिर को अपने पैर के बीच फंसाकर खड़ा रहता है हो सकता है वो कोई सीनियर अधिकारी हो। वीडियो की सच्चाई क्या है और कब इस विडियो को तैयार किया गया है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जिस रुप में यह वीडियो यूट्यूब पर मिला उसी रुप में NTI इस वीडियो के बारे में आपको बता रहा है। इसकी सत्यता के बारे में newstrendindia किसी तरह का दावा नहीं कर रहा है।

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