नर्सरी एडमिशन में अब नहीं चलेगी स्कूलों की मनमानी, सरकार ने तैयार की सख्त गाइडलाइन




नई दिल्ली: दिल्ली में नर्सरी एडमिशन कराना किसी जंग को जीतने से कम नहीं है। स्कूलों की इस मनमानी पर नकेल कसने के लिए दिल्ली के शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने गाइडलाइन तैयार की है। जिसके मुताबिक उन 298 स्कूलों को इसके तहत एडमिशन प्रक्रिया चलाना होगा जिन्हें डीडीए से जमीन दी गई है।

सरकार ने स्कूलों के लिए डीडीए से जमीन आवंटित होने वाले स्कूलों के सामने यह शर्त रखी थी कि उस जमीन पर बननेवाले स्कूल लोकल एरिया के बच्चों का एडमिशन करने से इनकार नहीं कर सकते। दरअसल दिल्ली में 298 स्कूलों को डीडीए से जमीन आवंटन के वक्त इस एग्रीमेंट पर दस्तखत भी कराए गए थे। जिसमें साफ तौर पर ये लिखा गया था कि ये स्कूल पड़ोस में रहनेवाले लोगों के बच्चों को दाखिला देने से मना नहीं कर सकते। इससे जुड़ी फाइल 23 दिसंबर 2016 को एलजी दफ्तर में भेजी जा चुकी है।

लेकिन उसमें इस बात का जिक्र नहीं था कि पड़ोसी होने का क्राइटेरिया क्या होगा और इसे डिफाइन कैसे किया जाएगा। लेकिन जल्द ही उस क्राइटेरिया को भी तय कर लिया जाएगा। एक अधिकारी के मुताबिक नेबरहुड डिफाइन करने के मामले में एलजी दफ्तर को भेजी फाइल में व्यवस्था कर दी गई है। जिसके बाद नर्सरी एडमिशन में इन 298 स्कूलों की मनमानी खत्म होगी।

उम्मीद की जा रही है कि एलजी दफ्तर से मंजूरी मिलने के बाद सभी 298 स्कूलों के लिए नर्सरी एडमिशन की गाइडलाइंस जारी की जाएगी।

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