जम्मू कश्मीर की चिंता छोड़ अपना घर संभाले पाकिस्तान

जम्मू कश्मीर में आतंकी बुरहान की मौत से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को गहरा सदमा लगा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर का नेता बुरहान वानी की मौत से काफी सदमा लगा है। इसी बयान में आगे कहा गया है कि कश्मीर में जिस तरह से सुरक्षा बल सख्ती से काम ले रहे हैं वो काफी अफसोसनाक है। ये बयान उसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के कार्यालय से जारी किया गया जहां पाक अधिकृत कश्मीर में बुरहान की मौत के बाद आतंकी हाफिज सईद और सलाउद्दीन ने बुरहान के लिए श्रद्धांजली सभा की थी और कहा था कि पाकिस्तान को कश्मीर के ताजा हालात से फायदा उठाना चाहिए।

पाकिस्तान के इस तरह से भारत के अंदरूनी मामलों में दखल पर भारतीय विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री ने भी सख्त चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान का नाम लिये बगैर कहा कि आतंकियों को पनाह देने वाले देशों का विरोध होना चाहिए। आतंकियों को पनाह देने वाले देश उसका राजनीतिक इस्तेमाल करते हैं। वहीं विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि पाकिस्तान अपने यहां के हालात को संभाले। भारत के अंदरुनी मामलों में उसे दखल देने का कोई हक नहीं है।

इसके बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान तो नसीहत दी है कि जम्मू कश्मीर भारत का अंदरुनी मामला है। उसमें किसी बाहरी देश को दखल देने का कोई हक नहीं है। पाकिस्तान की तरफ से ऐसा किया जाना गलत है।

पाकिस्तान जिस तरह से हिजबुल आतंकी बुरहान की मौत पर हमदर्दी के आंसू बहा रहा है उससे साफ हो गया है कि जम्मू कश्मीर में आतंक फैला रहे आतंकियों और उनके आकाओं को सरकार खुले तौर पर पनाह दे रही है। हालात ये संकेत भी दे रहे हैं पाकिस्तान में आतंक के आकाओं को केवल पनाह नहीं दिया गया है बल्कि वो देश के नीति निर्धारण और विदेश नीति में भी अपना दखल रखते हैं। भले ही आतंकियों के आकाओं का ये दखल प्रत्यक्ष तौर पर न हो। लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर पाकिस्तान की विदेश नीति को जरुर प्रभावित करते हैं। जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद का ये कहना कि ‘पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर के मौजूदा हालात से फायदा उठाना चाहिए।‘ उसी दखल की तरफ इशारा करता है।
-Narendra Modi, Barak Obama and Nawaz Sharrif

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