बुरहान की मौत से बौखलाया पाकिस्तान 19 जुलाई को मनाएगा काला दिवस

जम्मू कश्मीर में 8 जुलाई को मारे गए हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत भारतीय सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी थी। लेकिन बुरहान की मौत के बाद पाकिस्तान की रात की नींद हराम हो गई है। पाकिस्तान के लिए ये स्वीकार कर पाना मुश्किल हो रहा है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के इशारे पर भारतीय सरहद में आतंक का खेल खेलने वाला उसका आतंकी बुरहान वानी मारा जा चुका है।

हिजबुल कमांडर के एनकाउंटर के बाद जम्मू कश्मीर में हालात तनावपूर्ण हो गए। हलांकि अब उसमें सुधार है लेकिन पाकिस्तान इस बिगड़े हालात से फायदा उठाने की फिकार में है। इसी मुद्दे को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है। ये पहला मौका है जब भारत के कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान में संयुक्त सत्र बुलाया गया है। हिजबुल आतंकी बुरहान के मारे जाने के विरोध में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 19 जुलाई को पाकिस्तान में काला दिवस मनाने का भी एलान किया है।

यही नहीं पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र संघ से कश्मीर में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग की है। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि कश्मीर में हालात शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने बान की मून के अंडर सेक्रेटरी एडमंड मुलेट से मुलाकात कर जांच की मांग रखी है।

इससे पहले गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी राजदूत ने कहा था कि जम्मू कश्मीर में भारत मानवाधिकार का उल्लंघन कर रहा है। जिसका जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दी ने कहा था ‘पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के मंच के गलत इस्तेमाल की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान दूसरों की जमीन पर नजरें गड़ाए रहता है। इसके लिए वो आतंकवाद को नीति के तौर पर इस्तेमाल करता है। आतंकियों की हरकतें अपनाता है। यूएन ने जिन्हें आतंकी घोषित किया है उसे पाकिस्तान पनाह देता है।‘

इस कड़ी फटकार के बाद भी पाकिस्तान अपनी घटिया हरकतों से बाज नहीं आया है। भारत की तरफ से कड़ी फटकार लगने के ठीक एक दिन बाद उसने भारत के कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त सत्र बुलाने और आतंकी बुरहान की मौत के विरोध में 19 जुलाई को काला दिवस मनाने का एलान किया है।
-Nawaz Sharif, Black Day 17 July, Burhan Wani Death

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