सिद्दू ने AAP से ज्यादा मांग लिया और बिगड़ गई बात ?

बीजेपी छोड़कर बैरागी जीवन बिता रहे नवजोत सिंह सिद्धू और आम आदमी पार्टी के बीच की गर्मजोशी ठंडी पड़ रही है। क्योंकि महीने से ज्यादा बीत चुके हैं बीजेपी छोड़े, लेकिन ना तो सिद्धू AAP में शामिल हुए और ना ही AAP की तरफ से कोई ऐसी तारीख बताई गई है जिसमें सिद्धू के AAP में शामिल होने का जिक्र हो। पिछले कुछ दिनों से 15 अगस्त की तारीख काफी चर्चा में थी। अब वो भी बीत गई है। इसलिए जो बात पहले जोर शोर से कही जा रही थी अब उसकी चर्चा भी ना के बारबर हो रही है। लेकिन केजरीवाल के एक ट्वीट ने कई सवालों को जन्म दे दिया।

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट पर लिखा है ‘सिद्धू पार्टी में आएं या ना आएं लेकिन दिल में उनके लिए सम्मान कम नहीं होगा।‘ सियासत के संसार में जब एक दूसरे को आदर देने की भाषा इस तरह की हो जाए तो इसका मतलब ये निकाला जाता है कि बात बिगड़ गई। बात बिगड़ने की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि आम आदमी पार्टी की तरफ से दूसरे दल वालों के स्वागत में इतना वक्त नहीं लगाया जाता है। फिर यहां तो बात सिद्धू की है। जिसे हाथों हाथ AAP ले रही थी। उस सिद्धू के मामले में इतनी देरी और फिर केजरीवाल का इस तरह का ट्वीट बताता है कि बात बन नहीं रही।

दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के सूत्रों के मुताबिक जब सिद्धू बीजेपी में थे और जब आम आदमी पार्टी के साथ उनकी बात हो रही थी तो सहमति सिद्दू की पत्नी को विधानसभा चुनाव में टिकट देने पर बनी थी। पार्टी सिद्दू को चुनाव का टिकट देने के पक्ष में नहीं थी। लेकिन जब सिद्दू ने बीजेपी छोड़ दी और आम आदमी पार्टी के साथ बातचीत पूरे जोर शोर से शुरु हुई तो सूत्र बताते हैं सिद्दू ने अपने लिए विधानसभा चुनाव में टिकट और खुद को सीएम उम्मीदवार बनाए जाने की मांग रख दी। सिद्दू को टिकट तक तो पार्टी विचार कर सकती थी। लेकिन पार्टी सिद्दू को सीएम उम्मीदार बनाने के लिए तैयार नहीं थी। यहां पर पेंच अटक गया। इसी असहमति की वजह से सिद्दू अब भी बिना AAP के हैं और AAP बिना सिद्धू के।

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