NSG में एंट्री के लिए PM modi ने रुस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन से की बात

न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप यानि NSG में भारत की एंट्री का विरोध कर रहे चीन को उसी की भाषा में जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। हाल ही में पांच देशों की यात्रा में मोदी का अहम एजेंडा NSG में भारत को एंट्री दिलाना था। अमेरिका और मेक्सिको ने NSG में एंट्री पर हर तरह से समर्थन की बात भी कही है। लेकिन चीन की तरफ से हमेशा से भारत को एंट्री देने का विरोध किया जाता रहा है।

भारत की एंट्री रोकने के लिए चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर रुकावट खड़ी कर रहा है। लेकिन चीन की कोशिशों को नाकाम करने के लिए अब PM modi ने एक नई नीती के तहत काम करने की शुरुआत की है। इसी के लिए मोदी ने रुस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन से फोन पर बात की। जिसका मुख्य एजेंडा था कि NSG में भारत को एंट्री दिलाना के लिए रुस मदद करता रहे।

वहीं रुस की तरफ से जारी बयान में इस बात की पुष्टि की गई है कि भारतीय प्रधानमंत्री की तरफ से शनिवार को फोन किया गया था। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए व्यापक सहयोग की बात की है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी रही है। मोदी और पुतिन के बीच निकट भविष्य में मुलाकात की संभावना भी जताई जा रही है।

लेकिन भारत की इन कोशिशों को चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर नाकाम करने की कोशिश में जुटा है। चीन ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए कहा है कि NSG में या तो भारत और पाकिस्तान दोनों को एंट्री मिलनी चाहिए या फिर किसी को भी नहीं मिले। चीन की तरफ से इस बात पर भी जोर दिया जाता रहा है कि परमाणु हथियार अप्रसार यानि NPT पर हस्ताक्षर किये बगैर किसी देश को NSG में एंट्री देना गलत होगा। चीन की तरफ से कहा जा रहा है कि गैर NPT देशों को एंट्री देने के मामले पर NSG के सदस्य देश आपस में बंटे हुए हैं।

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