नंदा देवी मर्डर केस में नरपिशाच सुरेंद्र कोली को सजा-ए-मौत

दिल्ली: दिल्ली से सटे नोएडा में हुए निठारी कांड के नरपिशाच सुरेंद्र कोली को नंदा देवी मर्डर केस में भी मौत की सजा मिली है। पिछले बुधवार को गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने उसे दोषी करार दिया था। इससे पहले पांच मामलों में कोली को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। उन फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे लगा हुआ है।

सीबीआई ने कोली को उसके मालिक मनिंदर सिंह पंधेर के घर काम करनेवाली नौकरानी नंदा देवी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया था। नंदा देवी 31 अक्टूबर 2006 को लापता हो गई थी। कोर्ट ने उसे नंदा का अपहरण, उसकी हत्या, रेप करने और सबूत नष्ट करने का दोषी ठहराया था।

सुरेंद्र उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहनेवाला है। 2003 में वह मनिंदर सिंह पंधेर के संपर्क में आया था। जिसके बाद वह नोएडा के सेक्टर 31 के डी-5 नंबर के कोठी में काम करने लगा। 2004 में पंधेर का परिवार पंजाब चला गया। इसके बाद पंधेर और कोली एकसाथ कोठी में रहने लगे।

कोली को 2014 में निठारी कांड में दोषी ठहराया गया था। 12 सितंबर 2014 को उसे मेरठ जेल में फांसी दी जानी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की तरफ से उसकी फांसी पर रोक लगा दी गई। लेकिन अब एक और मामले में उसे सजा-ए-मौत मिली है।

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