मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसे में रेलवे की बड़ी लापरवाही, ट्रेन के नीचे पटरी थी ही नहीं!

नई दिल्ली:  उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के पास खतौली में हुए रेल हादसे में अबतक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हादसे में 80 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यहां ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। मृतकों और घायलों की तादाद और बढ़ सकती है। यहां पर उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। ये ट्रेन पुरी से हरिद्वार जा रही थी। शाम 5 बजकर 50 मिनट पर ये हादसा हुआ।

मौके पर राहत और बचाव का काम चल रहा है। रेलवे की तरफ से मुआवजे का एलान किया गया है। जिसमें मृतकों के परिजनों को साढ़े तीन लाख का मुआवजा और घायलों के लिए 50 हजार के मुआवजे का एलान किया गया है। इस मामले में रेलवे की लापरवाही भी सामने आ रही है। एक टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक जिस जगह पर हादसा हुआ वहां पर पटरी के मरम्मत का काम चल रहा था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह पर हादसा हुआ वहां पर कई घंटों पहले से काम चल रहा था। जब ट्रेन आधी गुजर गई तब वो हादसे का शिकार हुई। पटरी पर एक जगह पर पटरी पूरी तरह से कटी हुई है। मौके पर वो औजार भी मिले हैं जिनका इस्तेमाल ट्रैक को ठीक करने में किया जाता है। वहां पर एक जेनरेटर भी मिला है। संभवत: इस जेनरेटर से वहां बिजली की सप्लाई की जाती होगी।

मौके पर रेल की पटरी के छोटे-छोटे कई टुकड़े भी मिले हैं। जिनमें रेंच, चाबी, हथौड़ा, पेचकस जैसी चीजें मिली हैं। इससे ये साफ हो जाता है कि वहां पर ट्रैक की मरम्मत का काम चल रहा था। इसके बाद ये सवाल उठते हैं कि अगर वहां पर ट्रैक की मरम्मत का काम चल रहा था तो फिर किस तरह से ट्रेन को वहां से गुजरने के लिए सिग्नल दिया गया।

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