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2007 वर्ल्ड कप की हार पर मीडिया ने मुझे ‘आतंकी’ जैसा महसूस कराया- एमएस धोनी

2007 वर्ल्ड कप की हार पर मीडिया ने मुझे ‘आतंकी’ जैसा महसूस कराया- एमएस धोनी

दिल्ली: तकरीबन 9 साल बाद टीम इंडिया के वनडे और टी-20 के कप्तान महेंद्र सिंह का दर्द बाहर निकला है। धोनी ने कहा कि 2007 के वर्ल्ड कप में शुरुआती दौर में ही बुरी हार के बाद बाहर होने पर मीडिया ने जैसा बर्ताव किया उससे मुझे लग रहा था कि मैं आतंकी हूं और मुझसे कोई बड़ा अपराध हो गया है। धोनी ने ये भी बताया कि उस हार के बाद खिलाड़ियों को जो प्रतिक्रिया मिल रही थी उसने उनकी शख्सियत में भी काफी बदलाव लाया।

धोनी ने कहा ‘जब हम दिल्ली पहुंचे तो वहां मीडिया का जमावड़ा था। उस वक्त लोगों की सोच ये थी कि हम प्लेयर्स के बीच शुरुआती दौर में ही बाहर होने को लेकर संवेदना नहीं थी। मेरा हमेशा मानना रहा है कि आपको एक खिलाड़ी के रुप में हर हालात से गुजरने के लिए मजबूत होना पड़ेगा। धोनी अपने ऊपर बनी बायोपिक धोनी-द अनटोल्ड स्टोरी के प्रमोशमल इवेंट में बोल रहे थे। इस फिल्म में धोनी का किरदार सुशांत सिंह राजपूत निभा रहे हैं।
धोनी ने बताया ‘जब हम दिल्ली में उतरे तो हमें पुलिस वैन में ले जाया गया। मैं वीरू पाजी के ठीक बगल में बैठा था। वो शाम या रात का वक्त था। हम 60-70 की स्पीड से जा रहे थे। मीडिया की कारें अपने कैमरों और ऊपर लगे बड़े कैमरों के साथ हमारे साथ चल रही थीं। हमें ये लगने लगा कि हमने कोई बड़ा अपराध किया है। शादय कुछ कुछ आतंकी घटना या कत्ल जैसी वारदात को अंजाम देने जैसा। वास्तव में वो हमारा पीछा कर रहे थे। कुछ समय बाद हम एक पुलिस स्टेशन में पहुंचे। हम अंदर गए, कुछ देर वहां बैठे और 15-20 मिनट बाद अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से निकले।
धोनी ने कहा उस वक्त जो कुछ भी उनके साथ घटा उस गुस्से को उन्होंने खुद को और मजबूत बनाने में लगाया। उन्होंने बताया कि विपरीत चीजों को ठीक ढंग से इस्तेमाल कर 2011 वर्ल्ड कप की तैयारी की और उसका परिणाम पूरी दुनिया के सामने आ गया।

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