मूडीज ने लगाई अच्छे दिन पर मुहर, 13 साल बाद भारत की रेटिंग बदली

मूडीज ने लगाई अच्छे दिन पर मुहर, 13 साल बाद भारत की रेटिंग बदली

नई दिल्ली:  देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और विकास की दौड़ में अव्वल करने के लिए मोदी सरकार लगातार कोशिश कर रही है। पिछले तीन साल में मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कई बड़े फैसले किये हैं। जिनमें नोटबंदी और जीएसटी का फैसला लेकर मोदी सरकार ने आर्थिक सुधार की दिशा में क्रांतिकारी सुधार किया।

सरकार की इन कोशिशों का असर भी दिखने लगा है। 13 साल बाद मूडीज ने भारत रेटिंग बदली है। अमेरिकी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वाजपेयी सरकार के बाद अब मोदी सरकार की कोशिशों को सहारा है। मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों की तारीफ भी की गई है। मूडीज ने भारत की रेटिंग BAA3 ग्रुप से उठकर BAA2 के ग्रुप में आ गया है। यानि भारत की रेटिंग पॉजिटिव से स्थाई की गई है। आधार से सरकारी योजनाओं से जोड़ने के फैसले की तारीफ की गई है। इस साल विकास दर 6.7 रने का अनुमान जताया गया है। इससे पहले 2004 में भारत की रेटिंग BAA3 थी।

इस रेटिंग सुधार के क्या हैं मायने?

BAA3 रेटिंग का मतलब होता था सबसे कम निवेश की स्थिति का होना। लेकिन अब रेटिंग BAA2 किया गया है। यानि अब मूडीज के इस रेटिंग मतलब है भारत में निवेश के लिए माहौल सुधरा है। मूडीज ने कहा रेटिंग में सुधार देश में सरकार द्वारा लिया जा रहे फैसले, अर्थव्यवस्था पर उस फैसले से पड़नेवाला असर के आधार पर लिया जाता है। भारत ने पिछले कुछ समय में इस तरफ कदम उठाया है। मोदी सरकार कर्ज कम करने की तरफ भी कदम उठा रहा है।

निवेश के लिए अनुकूल माहौल का क्या मतलब ?

मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने जिस तरह के कदम को उठाया है, उसेसे सरकारी कर्ज के वृद्धि का जोखिम कम हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार का कार्यकाल अभी बीच में है, यानि इस दिशा में अभी और फैसले लिये जाने की संभावना है। सरकार की तरफ से जो फैसले लिये जा रहे हैं उनसे व्यापार, विदेशी निवेश आदि की स्थिति बदलेगी।

भारत के आर्थिक सुधारों से दुनिया चौंक गई है। जीएसटी की वजह से देश में अंतरराज्यीय व्यापार में काफी मदद मिलेगा। वहीं डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम से नॉन परफॉर्मिंग लोन और बैंकिंग सिस्टम में सुधार हुआ है।

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