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गुरुग्राम में सड़क जाम, स्कूल की छुट्टी, धारा 144 लागू, 16 घंटे तक सब ठप

गुरुग्राम में सड़क जाम, स्कूल की छुट्टी, धारा 144 लागू, 16 घंटे तक सब ठप

गुरुग्राम/हरियाणा: गुरुवार को दोपहर बाद शुरु हुई बारिश शाम तक अति भारी बारिश में बदल गई और गुरुग्राम का हर रास्ता बंद हो गया। सड़कों पर गाड़ियां रेंगने के काबिल भी नहीं बची। जो जहां था वहीं थम गया, हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रशासन ने धारा 144 लगा दिया, शुक्रवार को स्कूल बंद कर दिए गए और पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर दी कि सड़क पर निकलने से बचें, सोहना रोड पर सफर न करें।

gurugram-traffic-jaamगुरुग्राम में गुरुवार शाम को जो लोग दफ्तर से घर के लिए निकले वो शुक्रवार सुबह तक घर नहीं पहुंच सके, रात सड़क पर इस इंतजार में बीत गई कि जाम खुले तो उनकी गाड़ी आगे बढ़े। लेकिन वक्त के बीतने के साथ-साथ इंतजार लंबा होता गया। और इसी के साथ सड़क पर गाड़ियों की कतार भी लंबी होती चली गई।

जिन्हें गुरुवार को अपनी रात की ड्यूटी पर दफ्तर पहुंचना था वो घर से तो निकल गए लेकिन वो भी सड़क पर ही फंस गए। क्योंकि गुरुग्राम बारिश की वजह से बंधक बन चुका था। सड़क पर गाड़ियां मौजूद तो थीं लेकिन वो रेंगने के काबिल भी नहीं थीं। इसलिए रात की ड्यूटी पर जानेवाले भी सड़क पर ही जाम के खत्म होने का इंतजार करते रहे।

जो लोग घर से ये सोचकर निकले थे कि एक-दो घंटों में वो अपनी मंजिल पर पहुंच जाएंगे उनकी भी सारी उम्मीदें धाराशाई हो गईं। क्योंकि गुरुवार को गुरुग्राम का जाम एक चक्रव्यूह में बदल चुका था। जिसमें लोग भीतर तो आ सकते थे लेकिन उससे बाहर निकलने का हुनर किसी को पता नहीं था। लोग भूखे प्यासे जाम खत्म होने का इंतजार करते रहे। किसी तरह लोगों को पीने के लिए पानी तो मिल गया लेकिन उसके मनमाने रेट वसूले गए। लेकिन खाने का इंतजाम नहीं हो सका। लोग मजबूर थे बारिश के बीच सड़क पर रात बिताने के लिए।

जब हंगामा शुरु हुआ तो गुरुग्राम प्रशासन की नींद खुली। लेकिन गुरुग्राम के सड़कों पर जो चक्रव्यूह तैयार हुआ था उसके आगे वो भी बेबस हो गए। एहतियातन धारा 144 लगा दिया गया। लेकिन इससे भी जाम के हालात जस के तस बने रहे। सड़क पर गाड़ियों की कतार 10 किलोमीटर लंबी हो गई। शुक्रवार को गुरुग्राम के सभी स्कूल बंद कर दिये गए। प्रशासन ने लोगों से मेट्रो में सफर करने की अपील की। मुख्य सचिव ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। पूरी सरकारी अमला बंधक बने गुरुग्राम को आजाद कराने की जुगत में लग गया। लेकिन 16 घंटों के बाद भी हालात जस के तस बने रहे।

दिल्ली से सटे एक साइबर सिटी में इस तरह के हालात ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को बोलने का मौका दे दिया। उन्होंने कह दिया नाम बदलने से हालात नहीं बदलते। कुछ दिनों पहले ही खट्टर सरकार ने गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम कर दिया। लेकिन हालात को देखकर कहा जा सकता है कि इस बदलाव से शहर की तकदीर नहीं बदली।

-Monster Jam In Gurgaon Leaves Commuters On Road For Hours

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