मोदी के नए मंत्री के कड़वे बोल ‘भूख से नहीं मर रहे हैं पेट्रोल खरीदने वाले’

नई दिल्ली:  अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के सस्ता होने के बाद भी भारत में पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ रही है। जनता से लेकर विपक्ष तक सरकार से सवाल कर रहा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हो रहा है तो पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों हो रहा है। इस सवाल का सही जवाब नहीं है सरकार के पास। सरकार जो कुछ बता रही और जितना बता रही है उससे कहीं ज्यादा छिपा रही है।

अब मोदी सरकार के पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फोंस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत को सही ठहराया है। इसके साथ ही उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया कि उसे सही नहीं ठहराया जा सकता है। अल्फोंस ने कहा कि पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले भूख से नहीं मर रहे हैं। पेट्रोलियम पदार्थों से मिलने वाला पैसा गरीबों के कल्याण में लगाया जा रहा है। और सरकार ने ये फैसला काफी सोच विचार के बाद लिया है। उन्होंने कहा जो लोग पेट्रोल-डीजल खरीदते हैं उन्हें टैक्स भी देना होगा।

जिनके पास कार, बाइक है वही पेट्रोल डीजल खरीदता है। और पेट्रोल-डीजल खरीदनेवाला वो वर्ग भूख से नहीं मर रहा है। उन्हें टैक्स भी देना होगा। लेकिन राज्यमंत्री अल्फोंस शायद ये भूल गए कि गाड़ी चालानेवालों के अलावे खेती करनेवाले किसान भी डीजल खरीदते हैं जिससे वो खेतों में सिंचाई कर सकें, ये वही किसान हैं जो बैंकों से कर्ज लेकर खेती करते हैं और फसल बेचकर बैंकों का कर्ज चुकाते हैं।

अल्फोंने ने कहा हमने टैक्स इसलिए लगाया है ताकि गरीबों को बेहतर जीवन मिल सके। उन्हें शौचालय की सुविधा मिले, आवास मिले, पेट्रोलियम उत्पादों से जो पैसा इकट्ठा हो रहा है उसे हमारे प्रधानमंत्री या मंत्री चुरा नहीं रहे हैं। ये सरकार गरीबों के लिए है। उनके लिए घर का निर्माण, शौचालय, स्कूल, बिजली पहुंचाना हमारा मकसद है। इन सब के लिए काफी पैसा चाहिए। इसलिए हम उनलोगों पर टैक्स लगाने जा रहे हैं जो वहन कर सकते हैं।

अल्फोंस ने यूपीए सरकार पर भी निशाना साध। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में जो भी पैसा मिला उसे मंत्रियों ने खा लिया, चुरा लिया। यूपीए के मंत्रियों और उनकी पार्टी के सदस्यों ने देश को तहस नहस कर दिया।

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