कश्मीर में पत्थरबाजों की आएगी शामत, केंद्र सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

नई दिल्ली:  कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटना सेना के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रही है। सोमवार को हालात कुछ ज्यादा ही बिगड़ गए। क्योंकि पैसे लेकर पत्थर फेंकनेवालों के साथ साथ स्कूल के छात्र भी शामिल हो गए। स्कूली छात्रों ने भी सेना पर पत्थर फेंकना शुरु कर दिया। जिसके बाद केंद्र सरकार को इस मामले में अहम फैसला लेना पड़ा।

केंद्र सरकार ने सेना के लिए तीन लाख प्लास्टिक की गोली भेजी है। पत्थरबाजों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है। सोमवार के हालात को देखते हुए घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। छात्रों ने श्रीनगर में सेना पर पत्थर फेंके। इसके अलावे गांदरबल में छात्रों ने विरोध मार्च निकाला इस विरोध मार्च में छात्रों ने सेना पर पत्थर भी बरसाए। इन छात्रों को काबू में करने के लिए सेना और पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

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छात्रों का विरोध तब शुरु हुआ था जब 12 अप्रैल को सेना पुलवामा के डिग्री कॉलेज में गई थी। उस दौरान काफी हंगामा हुआ था और तकरीबन 50 छात्र घायल हो गए थे। सोमवार को उसी के खिलाफ हंगामा हो रहा था। जिसमें कॉलेज के छात्रों के साथ स्कूल के छात्र भी शामिल हो गए। हालात और ना बिगड़े इसलिए घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई।

बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से ही घाटी में हालात काफी बिगड़ गए थे। लेकिन हाल के दिनों में उसमें काफी सुधार हुआ था। लेकिन पिछले दिनों हुए उपचुनाव के बाद एक बार फिर से हालात गंभीर होने लगे हैं। पिछले दिनों चुनाव ड्यूटी से लौट रहे सीआरपीएफ के जवानों में कुछ युवकों ने हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की गई।

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लेकिन सीआरपीएफ जवान उस हमले पर पलटवार करने के बजाय सबकुछ चुपचाप सहते रहे। जवानों ने जिस तरह से सहनशीलता दिखाई उसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। क्योंकि अगर उस वक्त सीआरपीएफ के जवानों में बंदूक का इस्तेमाल किया होता तो हालात और ज्यादा बिगड़ सकते थे।

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