GST से सरकार को हुआ घाटा, खर्च के लिए 50 हजार करोड़ का कर्ज लेगी

GST से सरकार को हुआ घाटा, खर्च के लिए 50 हजार करोड़ का कर्ज लेगी

नई दिल्ली:  GST लागू करते वक्त सरकार ने जो उम्मीद की थी वो पूरी ना हो सकी। रेवेन्यू कलेक्शन को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि 2017-18 में राजकोषीय घाटा टारगेट को पार कर सकता है। इस वजह से अब सरकार चालू वित्त वर्ष  2017-18 में 50 हजार करोड़ रुपये उधार लेने की तैयारी  कर रही है। सरकार जनवरी से मार्च के बीच ये उधार लेगी।

बुधवार को सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि जनवरी से मार्च के बीच सरकार सिक्यॉरिटीज से 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त उधार लेगी। केंद्र सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 3.2 फीसदी के राजकोषीय घाटे का अनुमान रखा था। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही तक केंद्र सरकार 3.72 लाख करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष में टैक्स से होनेवाली आमदनी में केंद्र सरकार को लगभग 55 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है।

केंद्र सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स में 20 हजार करोड़ और इनडायरेक्ट टैक्स के जरिये 25-35 हजार करोड़ रुपये की कमी का अनुमान लगाया है। जीएसटी कलेक्शन में लगातार दूसरे महीने गिरावट आई है। नवंबर महीने में यह घटकर 80,808 करोड़ रुपये रहा।

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