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नोटबंदी के बाद सरकार ने बिछाया स्टिंग का जाल, 400 स्टिंग सीडी में फंसे 500 बैंक!

नोटबंदी के बाद सरकार ने बिछाया स्टिंग का जाल, 400 स्टिंग सीडी में फंसे 500 बैंक!

नई दिल्ली: नोटबंदी लागू करने के बाद सभी बैंकों को ये निर्देश दिये गए थे कि पुराने नोट के बदले नए नोट देने का पूरा रिकॉर्ड होना चाहिए। लेकिन कई बैंकों ने सरकार के नोटबंदी के फैसले में को अपनी कमाई का जरिया बना लिया। बैंकों के भ्रष्ट मैनेजर और कैशियर कमीशन लेकर लोगों के काले धन को सफेद करने में जुट गए। इस तरह के कई भ्रष्ट बैंक कर्मचारियों के खिलाफ अबतक कार्रावई की जा चुकी है और कई आयकर विभाग की रडार पर हैं।

हाल ही में गुजरात के दीसा में हुई रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भ्रष्ट बैंककर्मियों को ये नहीं पता था कि मोदी ने पिछले दरवाजे में भी कैमरे लगा रखे हैं। पीएम ने कहा था जिन्होंने भी काले को सफेद करने का काम किया है वो सब पकड़े जाएंगे। अगले कुछ महीनों में उन सब पर कार्रवाई होगी। लेकिन तब इसे पीएम मोदी के भाषण का हिस्सा माना गया था और बात आई गई हो गई।

लेकिन सूत्रों के हवाले से अब खबर आ रही है कि नोटबंदी लागू होने के बाद सरकार की तरफ से प्राइवेट और निजी दोनों तरह के बैंकों का स्टिंग करवाया गया। सूत्र बताते हैं कि सरकार ने बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन का जो जाल बिछाया था उसमें तकरीबन 500 बैंक फंसे हैं। सूत्र ये भी बता रहे हैं कि इस तरह की 400 स्टिंग सीडी वित्त मंत्रालय पहुंच चुकी है। जिन्हें बारीकी से देखा जा रहा है और उन बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी भी चल रही है।

नोटबंदी को महीना बीत जाने के बाद भी जनता पैसों के लिए लाइन में खड़ी है। एटीएम के बाहर कैश के इंतजार में लोग रातभर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ चेन्नई से लेकर दिल्ली, गाजियाबाद, दुमका, बेंगलुरु से करोड़ों रुपये का कालाधन बरामद किया जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि जो कालाधन बरामद किया जा रहा है उसमें केवल पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट ही नहीं है। बल्कि उनमें करोंड़ों रुपये के 2000 के नए नोट भी पकड़े जा रहे हैं।

सवाल ये उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में नए नोट आए कहां से। जाहिर है बगैर बैंकों के मिलीभगत के ये संभव नहीं हो सकता है। दिल्ली में एक्सिस बैंक के मैनेजर से जब पूछताछ की गई तो पता चला काले को सफेद करने के बदले उसे रिश्वत में सोने की ईंट दी गई थी। ये तो केवल एक बानगी थी। देशभर में आयकर विभाग तकरीबन 50 बैंकों के बहीखाते की जांच कर रहा है। ये वो बैंक हैं जिनपर रिश्वत लेकर लोगों के कालेधन को सफेद करने का शक है। क्योंकि जहां कुछ हजार रुपये लेने के लिए जनता को घंटों लाइन में बिताना पड़ रहा है वहीं काले धन के कुबेरों की तिजोरी से 2000 रुपये के नए नोट निकल रहे हैं। ये साफ बताता है कि बैंककर्मियों से बगैर मिलीभगत के ये संभव नहीं है।

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