टर्की में सेना ने की तख्तापलट की कोशिश, राष्ट्रपति ने दावा किया खारिज

टर्की एक दोराहे पर खड़ा है। शुक्रवार की आधी रात को टर्की में उस वक्त लोकतंत्र पर संकट के बादल घिर आए जब सेना ने वहां तख्तापलट की कोशिश की। सेना की इस कोशिश की वजह से टर्की की राजधानी अंकारा और इंस्तांबुल में सड़कों पर गाड़ियां कम और टैंक ज्यादा दिखाई दे रहे थे। सेना की तरफ से हुई तख्तापलट की इस कोशिश में 17 पुलिसवालों की मौत हो गई। जबकि तख्तापलट करने के आरोप में 300 से ज्यादा की गिरफ्तारी हुई है। राष्ट्रपति रिसेप तईप एर्दोगन ने दावा किया है कि सेना की एक टुकड़ी ने तख्ता पलट की कोशिश की थी। लेकिन उसे नकाम कर दिया गया है।

दूसरी तरफ सेना का ये दावा है कि उसने सत्ता पर नियंत्रण कर लिया है। तख्तापलट को लेकर सेना और सरकार दोनों अपने अपने दावे कर रहे हैं। यही वजह है कि वहां अनिश्चिय की स्थिति बनी हुई है। जिस वक्त सेना की तरफ से तख्तापलट की कोशिश की गई तब राष्ट्रपति एर्दोगन छुट्टियां मनाने गए थे। लेकिन जब उन्हें इस हालात की जानकारी मिली तो वो इस्तांबुल वापस लौट आए।

Turkey-coupजिसके बाद राष्ट्रपति एर्दोगन ने जनता से घर से बाहर निकलने की अपील की। अपनी अपील में उन्होंने तख्तापलट करनेवालों को सबक सिखाने को कहा था। राष्ट्रपति की इस अपील के बाद बड़ी संख्या में जनता सड़कों पर उतर आई। पुलिस के साथ आम जनता भी तख्तापलट की कोशिश कर रही सेना से मुकाबला करने में जुट गई।

इस बीच टर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदीरिम ने कहा कि जनता ने जिसे चुना है उसी के हाथ में सत्ता रहेगी। जब जनता चाहेगी तभी सरकार जाएगी।
तुर्की में जब आधी रात को सेना ने तख्तापलट की कोशिश की शुरुआत की तो टीवी चैनल के फुटेज में सेना पुलों को ब्लॉक करती हुई दिखाई दे रही है। शहर के एयरपोर्ट के बाहर टैंक तैनात कर दिये गए। आसमान में लड़ाकू विमान काफी कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहे थे। उनसे गोलियां भी बरसाई जा रही थी। यानि सेना ने हर तरफ से टर्की की घेरेबंदी कर रखी थी। टर्की में जब हालात इस कदर हो गए तो वहां सोशल मीडिया पर पाबंदी लगा दी गई। कई न्यूज चैनलों को ऑफ एयर कर दिया गया। उनमें से कुछ लोकल चैनलों को बाद में शुरु कर दिया गया।

टर्की के हालात को देखते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि टर्की में रह रहे भारतीय हालात सामान्य होने तक अपने घरों के अंदर ही रहें। उन्होंने लोगों से भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने के लिए भी कहा है। टर्की के भारतीय नागरिकों के लिए इमरजेंसी नंबर भी जारी किया गया है। इसमें अंकारा के लिए +905303142203 और इंस्तांबुल के लिए इमरजेंसी नंबर +905305671095 जारी किये गए हैं।

प्रधानमंत्री ने टर्की में तख्तापलट की इस कोशिश के पीछे अमेरिका के मुस्लिम मौलवी फतेउल्लाह गुलेन के अनुयायियों का हाथ बताया है। हलांकी गुलेन से जुड़े संगठन ने इससे इनकार किया है।

Loading...

Leave a Reply