युद्ध के मैदान में फ्रंट लाइन से दुश्मनों पर बम बरसायेंगी भारत की ये तीन बेटी

हर चुनौती पर हमने अपने हौसले से अपना मुकद्दर तय किया है

लेकिन कामयाबी की राहों में एक कमी खल रही थी कलेजे को

अब उस शक्ति की वो आशा भी पूरी हो गई…

अवनि, मोहना और भावना ये नाम देश की उन तीन बेटियों का है जिन्होंने भारतीय वायुसेना में अपना एक अलग मुकाम बनाया है। इतिहास पढ़ना आसान है लेकिन इतिहास बनाना काफी मुश्किल। उसी मुश्किल काम को इन तीनों बेटियों ने अपने हौसले से मुकम्मल किया है।

पायलट कैडेट अवनि चतुर्वेदी, फ्लाइट कैडेट मोहना सिंह और फ्लाइट कैडेट भावना कांथा भारतीय वायुसेना में पहली महिला लड़ाकू पायलट बनी हैं। हैदराबाद एयरफोर्स अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद तीनों आधिकारिक तौर पर वायु सेना की महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। इस मौके पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरुण राहा भी मौजूद थे। हर मुश्किल घड़ी का सामना करने की कड़ी ट्रेनिंग और जी तोड़ मेहनत के बाद इन तीनों महिला लड़ाकू पायलटों के पहले दस्ते को भारतीय वायु सेना में लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए कमीशन दे दिया गया। तीनों महिला अधिकारियों का चयन लड़ाकू विमान उड़ाने वाली नभयोद्धाओं की टीम के लिए हुआ है। इसमें अबतक केवल पुरुषों का ही चयन किया जाता था।

महिलाएं वायुसेना में अबतक केवल ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर ही उड़ाती थीं। लेकिन 18 जून 2016 के दिन वायुसेना में एक नया इतिहास लिखा गया है। जिसमें एक नई परिपाटी का शुभारंभ हुआ है। इस नई रवायत से देश को तीन महिला फाइटर पायलट मिल गई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर तीनों को फाइटर पायलट की ट्रेनिंग देने का एलान किया गया था। इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट ये तीनों युवा महिलाएं अपनी शुरुआती ट्रेनिंग पूरी कर चुकी हैं। अब इनकी एक साल की एडवांस ट्रेनिंग कर्नाटक के बीदर में होगी। इनमें से भावना कंठ बिहार के बेगूसराय की रहने वाली है, अवनी चतुर्वेदी मध्य प्रदेश और मोहना सिंह राजस्थान से हैं।

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