मेरठ नगर निगम में बीजेपी सदस्यों ने कहा ‘भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा’

नई दिल्ली: मेरठ के मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने नगर निगम के हर सदस्य के लिए वंदे मातरम और राष्ट्र गान गाना अनिवार्य कर दिया है। मेयर समेत बीजेपी के पार्षदों की तरफ से कहा गया है कि जो राष्ट्र गान और वंदेमातरम नहीं गाएंगे उन्हें बोर्ड मीटिंग में नहीं जाने दिया जाएगा।

मेरठ नगर निगम में बोर्ड के मुस्लिम सदस्य वंदे मातरम गाने का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला दिया है कि वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं है। मेरठ नगर निगम में लंबे वक्त से वंदे मातरम गाया जाता रहा है। जो लोग इसे नहीं गाना चाहते थे उन्हें उस वक्त हॉल से बाहर जाने और इसके खत्म होने पर वापस आने की छूट थी।

ये भी पढें :

– AAP में हो रहा है बिखराव, 30 विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी!
– AAP से 30 दिन में वसूले जाएं 97 करोड़ रुपये- उपराज्यपाल

लेकिन मंगलवार को जब निगम के मुस्लिम सदस्य वंदे मातरम गाते वक्त कमरे से बाहर जाने लगे तो विरोध शुरु हो गया। बीजेपी के सदस्यों ने कहा हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम गाना होगा। इसके बाद मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने इसपर ध्वनि मत से रेजलूशल पास किया। जिसमें राष्ट्र गान को गाना अनिवार्य कर दिया। हलांकि इस रेजलूशन को लागू करने के लिए सरकार की मंजूरी की जरुरत है।

अहलूवालिया ने कहा यह किसी की मातृभूमि को सम्मान देने का एक तरीका है। गाना तब भी गाया जाता था जब निगम में मुस्लिम मेयर थे। तो अब क्या परेशानी हो गई? इसपर मुस्लिम पार्षदों का कहना है कि पिछले पांच साल में इस तरह की बात नहीं हुई। पता नहीं अचानक से ये मामला कहां से सामने आ गया।

Loading...