राष्ट्रपति चुनाव में UPA ने मीरा कुमार को बनाया उम्मीदवार

नई दिल्ली:  यूपीए ने लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। मीरा कुमार का मुकाबला अब एनडीए के रामनाथ कोविंद से होगा। दिल्ली में 17 विपक्षी दलों की बैठक हुई जिसमें मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया। मीरा कुमार बिहार से आती हैं। मीरा कुमार बिहार के सासाराम से सांसद भी रही हैं। मीरा कुमार बाबू जगजीवन राम की बेटी है।

मीरा कुमार के नाम के एलान के बाद बीएसपी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी मीरा कुमार का समर्थन करेगी। एनडीए की तरफ से रामनाथ कोविंद के नाम के एलान के बाद ही मायावती ने साफ कर दिया था कि अगर यूपीए कोविंद से बेहतर दलित उम्मीदवार उतारता है तो वो उसका समर्थन करेंगी।

हलांकि जानकार बताते हैं कि मीरा कुमार के उम्मीदवार बनने से भी कोविंद के राष्ट्रपति बनने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। क्योंकि एनडीए के पास इलेक्टोरल कॉलेज के 57.85 फीसदी वोट हैं। हां अगर कोई बहुत बड़ा उलट फेर होता है तो कहा नहीं जा सकता है। लेकिन उसकी संभावना नहीं के बराबर है। आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन कर ऐतिहासिक भूल कर रहे हैं। उन्होंने कहा ये मेरी निजी राय है कि नीतीश रामनाथ को समर्थन देने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।

यूपीए की तरफ से मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाने के बाद राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित हो गया है। दिलचस्प बात ये भी है कि दोनों उम्मीदवरों का संबंध बिहार से है। रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल थे और मीरा कुमार का जन्म बिहार के आरा में हुआ है। उन्होंने देहरादून और जयपुर में पढ़ाई की है। वो दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज और मिरांडा हाउस से पासआउट हैं। मीरा कुमार एमए और एलएलबी कर चुकी हैं।

मीरा कुमार हिंदी, अंग्रेजी, स्पेनिश, संस्कृत और भोजपुरी की जानकार हैं। उन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। 1973 में उन्होंने इंडियन पॉरेन सर्विस ज्वाइन की। वे भारत-मॉरिशस ज्वाइंट कमीशन की मेंबर रही हैं। मीरा कुमार सासाराम से सांसद हैं। सासाराम से मीरा कुमार लगातार दूसरी बार और कुल पांचवीं बार सांसद बनीं। उनकी दो बेटियां स्वाति और देवांगना हैं और एक बेटा अंशुल है।

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