लखनऊ में बहनजी के हाथी का शक्ति प्रदर्शन

लखनऊ:  बीएसपी के संस्थापक कांशीराम की 10वीं पुण्यतिथि पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में महारैली की। जैसा कि शुरु से दावा किया जा रहा था लाखों की तादाद में लोग पहुंचेंगे, तो दावे के मुताबिक भीड़ जुटी भी। इस महारैली में मायावती ने केंद्र सरकार, अखिलेश सरकार और कांग्रेस सरकार सभी पर निशाना साधा और सभी को सवालों के कटघरे में खड़ा किया। साथ ही ये दावा भी कर दिया कि 2017 में बीएसपी यूपी में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

मायावती ने यूपी की अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में यूपी में गुंडागर्दी बढ़ी है। कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। अखिलेश सरकार राज्य में लंबित प्रोजेक्ट को अबतक पूरा नहीं कर पाई है। और पूर्व की बीएसपी सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर उसे शुरु करने का श्रेय खुद ले रही है।

मायावती के निशाने पर केवल अखिलेश सरकार ही नहीं रही बल्कि उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। मायावती ने कहा कि बीजेपी और समाजवादी पार्टी यूपी में सांप्रदायिक राजनीति का खेल खेल रही है। मायावती के इस महारैली में मुजफ्फरनगर और दादरी की घटना का जिक्र भी हुआ। उन्होंने कहा ये दोनों घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि किस तरह से बीजेपी और सपा सांप्रदायिक राजनीति कर रही हैं।

मायावती ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल सपने दिखाए। उसे पूरा नहीं किया। मायावती ने शुरुआत उसी 15 लाख रुपये किये जिसपर हमेशा से मोदी सरकार पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। क्योंकि लोकसभा चुनाव से पहले रैली में मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार बनी तो वो विदेशों से कालाधन वापस लाएंगे और हर गरीब के बैंक अकाउंट में 15 लाख रुपये जमा कराए जाएंगे।

मायावती ने मोदी सरकार को उनकी विदेश नीति पर भी घेरा। मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति स्पष्ट नहीं है। केंद्र में सरकार बने ढाई साल हो गए तब सीमा की सुरक्षा का खयाल आया। मायावती ने रोहित बेमुला और उना की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार दलित विरोधी है। बीजेपी शाषित राज्य में दलितों की पिटाई की गई। लेकिन सरकार देखती रही।

कांग्रेस भी मायावती के निशाने पर रही। मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने यूपी को नजरअंदाज किया।

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