मायावती ने राज्य सभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया

नई दिल्ली:  बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने राज्य सभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मायावती ने इस्तीफे की वजह बताई उसमें लिखा है कि उन्हें दलित मुद्दे पर राज्य सभा में बोलने नहीं दिया इसलिए वो इस्तीफा दे रही हैं। मायावती ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मायावती ने कहा दलित हितों की उपेक्षा हुई है। इसलिए वो इस्तीफा दे रही हैं। मायावती ने कहा जिस समाज से मैं ताल्लुक रखती हूं जब उस समाज की बात ही मैं सदन में नहीं रख पाऊंगी तो मेरा इधर रहने का कोई फायदा नहीं है।

मायावती का कार्यकाल अप्रैल 2018 में खत्म हो रहा था। चुकी विधानसभा चुनाव में उनके विधायकों की संख्या उतनी नहीं है कि दोबारा उनका चयन राज्य सभा के लिए हो सके। दोबारा से राज्यसभा सदस्य बनने के लिए मायावती को किसी और दल के समर्थन की जरुरत होती।

राज्यसभा में उस वक्त हंगामा शुरु हो गया जब मायावती को उप सभापति ने टाइम पूरा होने के बाद उनसे बैठ जाने को कहा। इसपर मायावती ने कहा मैंने अभी अपनी पूरी बात नहीं रखी है। मुझे मेरी पूरी बात रखने दी जाए। इसपर उप सभापति ने कहा आपको बोलने के लिए तीन मिनट का वक्त दिया गया था। आपने पूरे तीन मिनट बोल लिये अब आप बैठ जाइये।

इसपर बीएसपी सुप्रीमो मायावती भड़क उठी। उन्होंने उप सभापति से कहा अभ तो उन्होंने बोलना शुरु किया थी। उनकी बात जबतक पूरी नहीं हो जाती है तबतक वो बोलेंगी। इसपर कुछ देर तक हंगामा भी होता रहा। इसके बाद मायावती ने अगर उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाएगा तो वो राज्य सभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगी। लेकिन मायावती की इस धमकी के बाद भी जब बात नहीं बनी तो वो वॉक आउट कर गईं।

मायावती के इस बर्ताव पर बीजेपी सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा मायावती यहां कोई दलित या जनता के हित से जुड़ा मुद्दा नहीं उठा रही थीं। नकवी ने कहा मायावती यहां राजनीति कर रही थीं। उन्होंने जो भी बात कही वो पूरी तरह से राजनीतिक थी।। साथ ही नकवी ने कहा मायावती ने सदन के भीतर धमकी दी है। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। सदन के भीतर ये कहना कि अगर उन्हें बोलने नहीं दिया जाएगा तो वो इस्तीफा दे देंगी ये बिल्कुल गलत है। इसके लिए मायावती सदन में माफी मांगे। नकवी ने कहा हार से हताश हो चुकी हैं मायावती।

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