BSP की मायावती को कम मत समझिये, निभा सकती हैं किंग मेकर की भूमिका




लखनऊ: विधानसभा चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल ने इतना तो बता दिया है कि यूपी में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनेगी। लेकिन इस बात को लेकर अलग अलग एग्जिट पोल में रुझान अलग हैं कि बीजेपी बहुमत में रहेगी। क्योंकि ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी को बड़ी पार्टी बताया गया है। यानि सरकार बनाने के लिए उसे भी किसी सहयोगी की जरुरत पड़ेगी।

यही बात समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के साथ भी है। हलांकि एग्जिट पोल में सपा-कांग्रेस गठबंधन की हालत ज्यादा पतली है। लेकिन ये रुझान एग्जिट पोल के हैं। फाइनल नतीजे 11 मार्च को आएंगे। अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए सारे विकल्प खुले हैं। इसमें बीएसपी से हाथ मिलाना भी शामिल है। यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर भी कह चुके हैं बीएसपी से परहेज नहीं है।

अब अगर दोनों पार्टियां अपना अपना रुख साफ कर चुकी हैं तो इसके बाद ये साफ है कि गठबंधन में शामिल सपा-कांग्रेस सरकार बनाने के लिए तीसरे साथी के रुप में बीएसपी को चुन सकती हैं। ये तो बात रही सपा-कांग्रेस गठबंधन की।

अब बीजेपी की बात करते हैं। हलांकि अभी तक बीजेपी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि वो अपने दम पर सरकार बनाने की हालत में रहेगी। लेकिन भीतरी सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने अपना प्लान बी भी तैयार कर रखा है। जिसमें थोड़ी बहुत जो सीटों की कमी होगी उसे किसी सहयोगी की मदद से पूरा किया जाए। क्या बीजेपी उस सहयोगी के लिए बीएसपी की तरफ बढ़ेगी?

अब बात बीएसपी की कर लेते हैं। एग्जिट पोल आने के बाद बीएसपी की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं आया है। हां अखिलेश की तरफ से समर्थन लेने की बात कहने के बाद जब बीएसपी नेताओं से संपर्क किया गया तो केवल इतना कहा गया कि नतीजे आने से पहले वो कुछ नहीं कहेंगे। इससे साफ है कि बीएसपी वेट एंड वॉच की नीति अपना रही है।

इसलिए इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बीएसपी यूपी में किंग मेकर की भूमिका निभा सकती है। अगर एग्जिट पोल देखने के बाद बने हालात के बारे में कहा जाए तो सपा-कांग्रेस हो या फिर बीजेपी इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बीएसपी इनकी जरुरत बन सकती है।

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