अगस्ता वेस्टलैंड पर राज्यसभा में किसने क्या कहा ?

अगस्ता वेस्टलैंड पर राज्यसभा में किसने क्या कहा ?

  • मोदी सरकार दो साल से क्या कर रही थी?
  • सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच-BSP

अगस्ता वेस्टलैंड डील में घूसखोरी के खेल पर जब इटली की अदालत ने अपना फैसला सुनाया तो उसकी धमक भारत तक पहुंची। संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया। हर तरफ से हर तरह के सवाल पूछा जाने लगे। संसद के भीतर हंगामा हुआ। मामले पर चर्चा की मांग की गई। सारे मुद्दे पीछे छूट गए और अगस्ता वेस्टलैंड पर चर्चा की मांग शुरु हो गई। आईये जानते हैं राज्यसभा में चर्चा के दौरान किस राजनीतिक दल ने क्या कहा?

अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस
abhishek-manu-singhviकांग्रेस की तरफ अभिषेक मनु सिंघवी ने सीधे सीधे केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा की बीजेपी की नीयत ही खराब लगती है। उन्होंने कहा की 2014 में प्रतिबंध के लिए औपचारिक शुरुआत की गई। और जुलाई 2014 में कंपनी पर अस्थाई बैन लगाई गई। साथ ही उन्होंने कहा की केवल नाम आ जने से कोई दोषी या जिम्मेदार नहीं हो जाता। एनडीए सरकार मूल मुद्दे ध्यान भटका रही है। हम इटली को कोर्ट पर भरोसा क्यों करें। सिंघवी ने कहा की जज ने कहा है कि सोनिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। सिंघवी ने AP का भी जिक्र किया। सिंघवी ने कहा की AP का मतलब केवल अहमद पटेल ही क्यों निकाला जा रहा है गुजरात की सीएम आनंदी पटेल क्यों नहीं हो सकती।

रामगोपाल यादव, समाजवादी पार्टी
RAM-GOPAL-YADAVसमाजवादी पार्टी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी की तरफ से बोलते हुए रामगोपाल यादव ने कहा की अगर हम मान भी लेते हैं कि अगस्ता वेस्टलैंड में घूस दिया गया और उसे ला गया। लेकिन केंद्र में बीजेपी को सत्ता में आए दो साल हो चुके हैं लेकिन अबतक सरकार ने कुछ क्यों नहीं किया। सरकार केवल सीबीआई जांच करवा रही है। जबकि अगर सरकार चाहती तो दो सालों में इस घूसकांड के असली दोषियों को सामने लाया जा सकता था। आगे उन्होंने कहा की हम नहीं कह रहे हैं कि आप गलत हैं लेकिन जिस तरह से दो साल तक खामोशी से काम लिया केंद्र सरकार ने उससे संदेह जरुर पैदा हो जाता है।

शरद यादव, जेडीयू
Sharad_Yadavजेडीयू से राज्यसभा सांसद शरद यादव ने भी सरकार से वही सवाल पूछे जो समाजवादी पार्टी की तरफ से पूछा गया था। उन्होंने कहा की पूरी एजेंसी केंद्र सरकार के पास है फिर भी सरकार की तरफ से केवल बयान दिये जाते रहे हैं। शरद यादव ने एडीए सरकार से सीधा सवाल किया की अगस्ता वेस्टलैंड में घूस का लेनदेन यूपीए भले ही पहले की सरकार में हुआ हो। लेकिन दो साल से केंद्र में जिस दल की सरकार की उसने क्या किया। साथ ही उन्होंने कहा की किसी पर झूठे आरोप लगाकर उसकी छवि खराब करने का हक सरकार को नहीं है। अंत में शरद यादव ने यहां तक कह दिया की मौजूदा व्यवस्था में कभी न्याय नहीं हो सकता। देश में और भी समस्या है यहां उन मुद्दों पर बहस होनी चाहिए।

मायावती, बीएसपी
mayawatiबीएसपी सांसद मायावती ने कहा की मौजूदा वक्त में सीबीआई जांच कर रही है। बेहतर होता सीबीआई की तरफ से फाइनल रिपोर्ट आने के बाद इस पर चर्चा किया जाता। एनडीए सरकार के पास दो साल का वक्त था अगर सरकार चाहती तो इसकी जांच करवा सकती थी। मायावती ने मांग की कि सीबीआई जो जांच कर रही है वो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। इसके पीछे तर्क ये दिया गया की केंद्र में जिस राजनीतिक दल की सरकार होती है उसकी तरफ से सीबीआई के दुरुपयोग की बात अक्सर सामने आती रहती है। इसलिए बेहतर होगा अगर जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए।

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