PM नरेंद्र मोदी ने 20वीं बार बताई मन की बात

PM नरेंद्र मोदी ने 20वीं बार बताई मन की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में एक बार फिर देश को संबोधित किया। इसबार मन की बात का 20वां प्रसारण था। जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा की मुझे खुशी है कि लोग मन की बात सुनते हैं और मुझे चिट्ठी, ई मेल, mygov वेबसाइट के जरिये अपनी भावनाओं को बताते हैं।

पीएम ने कहा की बहुत सी व्यवस्थाओं को पूरे देश में पहुंचाना है। इसके साथ साथ हमें अपनी पुरानी आदतों को भी बदलना होगा। पीएम ने कहा की दुनिया कैशलेस समाज की तरफ बढ़ रहा है। जनधन, आधार और मोबाइल के उपयोग से हम कैशलेस समाज की तरफ बढ़ सकते हैं।

प्रधानमंत्री के इस 20वें मन की बात में सूखे पर खासा जोर रहा। उन्होंने कहा की झारखंड वैसे तो जंगली इलाका है। लेकिन वहां के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां पानी की दिक्कत है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान, कर्णाटक में कल्याणी योजना के रुप में कुओं के फिर से जीवित करने की दिशा में काम आरंभ किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने बलराम तालाब योजना के तहत करीब-करीब 22 हजार तालाब निर्माण की योजना बनाई है। जिनपर काम चल रहा है। पीएम ने लोगों से पानी की हर बूंद को बचाने की अपील भी की। उन्होंने कहा बरसात के दिनों में अगर पानी को सही तरीके से संजो कर रखा जाए तो गर्मी के दिनों में स्थिति को भयावह होने से बचाया जा सकता है। इसलिए सभी लोग जल संरक्षण करें। खासकर अप्रैल, मई, जून और जुलाई के महीनों में पानी के हर बूंद को बचाएं।

पीएम ने अपने मन की बात में रियो ओलंपिक की तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक के बारे में बात करते हैं तो पदक तालिका से दुख होता है। लेकिन हम सभी को एथलीटों को प्रोत्साहित करने के लिए माहौल बनाने की जरुरत है। हमें परिणामों के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए। पीएम ने खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की तारीफ भी की। पीएम ने कहा की सर्बानंद ने असम चुनाव के दौरान भी रियो ओलंपिक की तैयारियों के लिए अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा की जब कोई मंत्री इस तरह से अपने काम की चिंता करता है तो मुझे काफी अच्छा लगता है।

पीएम ने हाल में आए परीक्षा परिणामों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा की किसी को काफी ज्यादा नंबर आए तो कुछ छात्र ऐसे भी थे जिन्हें कम नंबर आए। लेकिन कम नंबर आने पर निराश होने की जरुरत नहीं है। उन्होंने उन अभिभावकों का भी जिक्र किया जो अपने बच्चों को ऊंचे पर्सेंटेज नहीं आने पर खरी खोटी सुनाते हैं। पीएम ने छात्रों से कहा की सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।

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