सैनिटरी पैड पर GST लगाना सही है, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने बताई वजह

सैनिटरी पैड पर GST लगाना सही है, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने बताई वजह

नई दिल्ली:  सरकार जब GST लाने की तैयारी कर रही थी तो कई महिला संगठनों की तरफ से सैनिटरी पैड को इसके दायरे से बाहर रखने की मांग की जा रही थी। इसे लेकर #लहूकालगान नाम से कैंपेन भी चलाया गया। महिलाओं की तरफ से की जा रही इस मांग का सरकार की नीति पर कोई असर नहीं हुआ। और सैनिटरी पैड पर GST लगा दिया गया।

7 फरवरी को महिला और बाल विकास मंत्रालय में अक्षय कुमार की फिल्म ‘पैडमैन’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। इस मौके पर पत्रकारों के सवाल देने के क्रम में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने ये बात कही।

मौजूदा वक्त में सैनिटरी पैड पर 12 फीसदी GST लगता है। हलांकि अभी भी इसे GST के दायरे से बाहर करने की मांग हो रही है। अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन मेन्सटूरेशन हाइजिन को लेकर बनी है। इस फिल्म के साथ ही सोशल मीडिया पर एक बार फिर सैनिटरी पैड को लेकर कैंपेन तेज होने लगी है।

सैनिटरी पैड पर 12 फीसदी GST लगाने के सरकार के फैसले को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी सही मानती हैं। उन्होंने कहा कि इसपर GST 18 फीसदी से कम हो गया है। इस समय में बाजार में मल्टीनेशनल कंपनियों का राज है। इसलिए मल्टीनेशनल कंपनियों पर भी 12 फीसदी GST लगेगा। नहीं तो पूरा बाजार खत्म हो जाएगा। इससे स्वदेशी पैड खत्म हो जाएंगे।
हलांकि इससे पहले केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर GST के अंतर्गत ईको-फ्रेंडली और बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नौपकिन को 100 टैक्स फ्री करने की अपील की थी। उन्होंने कहा मंत्रालय पहली बार सैनिटरी पैड को दूसरे माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। स्वयं सहायता समूह को सैनिटरी पैड तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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