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मंदसौर में पुलिस की गोलियों से ही हुई किसानों की मौत- सरकार

मंदसौर में पुलिस की गोलियों से ही हुई किसानों की मौत- सरकार

नई दिल्ली:  मंगलवार को मंदसौर में हुई पांच किसानों की मौत पर अब सरकार का कबूलनामा सामने आया है। मध्य प्रदेश सरकार के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने माना है कि किसानों पर पुलिस की तरफ से फायरिंग की गई थी। और उसी फायरिंग में किसानों की मौत हुई। वहीं पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी गया है। जिसमें इस बात की पुष्टि हुई है कि किसानों के शरीर पर गोलियों के निशान हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोलियों के निशान किसानों की छीती, सिर, पैर और पीठ पर हैं।

अब इस बात की जांच की जाएगी कि आखिर ऐसे क्या हालात बन गए थे कि पुलिस को किसानों पर फायरिंग करनी पड़ी। इस बात की भी जांच की जाएगी कि फायरिंग पुलिस की तरफ से की गई या सीआरपीएफ की तरफ से। क्योंकि जिस जगह पर किसानों पर गोली चलाई गई वहां मध्यप्रदेश पुलिस भी मौजूद थी और सीआरपीएफ के जवान भी।

गोलीबारी की इस घटना के बाद किसानों का आंदोलन काफी उग्र हो गया था और हिंसक रुप ले लिया था। हलांकि बुधवार के मुकाबले आज थोड़ी शांति है लेकिन तनाव बरकरार है। मंदसौर में कर्फ्यू आज भी जारी है। वहां किसानों ने एक टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ और लूटपाट की है। किसानों को समझाने बुझाने के लिए डीएम कल उनके बीच गए थे। लेकिन उनके साथ भी धक्का मुक्की की गई थी। उनके कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की गई थी।

हिंसक हो रहे किसानों के आंदोलन पर मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह ने कहा था वो किसानों से हर वक्त बातचीत के लिए मौजूद हैं। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं दें। लेकिन दूसरी तरफ किसान अपनी मांग को लेकर अड़े हैं। किसानों की मांग है कि उनकी फसल की न्यूनतम खरीद मुल्य तय की जाए। दूध की खरीद प्रति लीटर 50 रुपये के दर पर हो। किसानों का पुराना कर्ज माफ किया जाए।

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