मेक इन इंडिया- प्राइवेट कंपनियों को दी गई सेना की गुप्त जानकारियां !

दिल्ली: सेना से जुड़ी उतनी ही जानकरी दूसरों को दी जाती है जिससे कि सेना के रणनीति पर कोई असर न पड़े। लेकिन अब उस दायरे को पार किया गया है। बताया जा रहा है कि सेना से जुड़ी कई अहम जानकारियां प्राइवेट कंपनियों को दी गई हैं। हलांकि उनमें कोई भी विदेशी नहीं था और पूरी जांच पड़ताल के बाद उन्हें जरुरत के मुताबिक जानकारी दी गई।

इकनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक इस महीने के शुरुआत में 200 रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों को सेना के भीतर पहुंच मिली। रक्षा क्षेत्र की इन कंपनियों में छोटी बड़ी सभी कंपनियां शामिल थीं। अहमदनगर में आयोजित दो अलग अलग समारोह में इन कंपनियों के प्रतिनिधि टैंक के भीतर घुसे, सेना के साजो सामान और उनकी जरुरतों की पड़ताल की।

दरअसल पीएम भारत को दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातक देश की जगह रक्षा सामानों की मैन्यूफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाना चाहते हैं। इसके तहत 10 सालों में सेना के आधुनिकिकरण पर 150 अरब डॉलर खर्च करने की योजना है। इस काम के लिए सेना के रहस्यों से पर्दा उठाया गया है।

आर्मी की तरफ से सैन्य साजो-सामान का दो तिहाई ठेका 2007-2012 के बीच ही पूरा हो गया था। लेकिन अब कैग रिपोर्ट में ये कहा गया है कि इन ठेकों को पूरा करने में देरी हो रही है। जिसका असर सेना के आधुनिकीकरण पर पड़ेगा। रिपोर्ट में विदेशों से आयात होनेवाले हथियारों पर निर्भरता की वजह से नुकसान का हवाला दिया गया है।

इसी वजह से सरकार मेक इन इंडिया के तहत देश में सैन्य हथियारों के निर्माण में तेजी ला रही है। इसी के तहत कंपनियों के प्रतिनिधियों को सेना के रहस्य के बारे में जानकारी दी गई। लेकिन इससे पहले उनकी कई दौर की जांच पड़ताल की गई।

Loading...