महाराष्ट्र के इस गांव से गायब हो गए 112 शौचालय

नई दिल्ली:  महाराष्ट्र के एक आदिवासी गांव में शौचालय बनाने के नाम पर धोखा करने का मामला सामने आया है। इस गांव में ग्रामीणों के नाम पर शौचालय बना दिये गए और पूरे पैसों की निकासी भी कर ली गई। इस गांव को स्मार्ट ग्राम का पुरस्कार भी दे दिया गया। लेकिन ये सबकुछ हुआ केवल कागजों में। हकीकत में आज भी महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के पाटण गांव के लोग खुले में शौच जाते हैं क्योंकि उनके घरों में कोई शौचालय नहीं है। इस मामले का खुलासा तब हआ जब यहां क महिलाएं शौचालय बनाने की मांग लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंची। तब उन्हें कहा गया कि उनके घरों में शौचालय बन चुके हैं और उन्हें पैसे भी दिये जा चुके हैं।

आजतक की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक स्वच्छ भारत अभियान को पूरी तरह से ठेंगा दिखा दिया गया। यहां शौचालय बनवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की गई। सरकारी दस्तावेज में चंद्रपुर जिले के पाटण गांव के हर घर में शौचालय का निर्माण करा या गया है। सरकारी दस्तावेज में ये भी दर्ज कर दिया गया कि गांव में 112 शौचालय का निर्माण करवा दिया गया है। जिसके बाद गांव को खुले में शौच मुक्त भी घोषित कर दिया गया। यही नहीं इस गांव को स्मार्ट ग्राम का पुरस्कार भी दे दिया गया। लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

महिलाओं ने जब गांव में शौचालय के निर्माण की मांग की तो सच्चाई सामने आई। महिलाओं से कहा गया कि उनके घरों में शौचालय का निर्माण कराया जा चुका है और उन्हें अनुदान राशि भी दी जा चुकी है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों में ना तो शौचालय का निर्माण हुआ है और ना ही उन्हें कोई अनुदान राशि मिली है। गांव वालों ने पुलिस में इस धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई है।

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