चंद्रग्रहण: चांद भी बदलेगा रंग, एक साथ दिखेगा ब्लू मून, फुल मून और ब्लड मून

नई दिल्ली:  नए साल का पहला चंद्रग्रहण साल के पहले महीने के आखिरी दिन लग रहा है। 31 जनवरी को शाम के 5 बजकर 20 मिनट से 8 बजकर 43 मिनट यानि कुल 3 घंटे 24 मिनट का चंद्रग्रहण दिखाई देगा। इस दौरान ब्लू मून, ब्लड मून और सूपर मून दिखाई देंगे। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल, हल्का नीला और तांबे के रंग का दिखाई देगा। 35 साल बाद ये स्थिति बनी है।

ब्लू मून क्या है?

जब एक ही महीने में दो पूर्णिमा पड़ती है तो इस स्थिति को ब्लू मून कहा जाता है। इस साल 2 जनवरी को भी एक पूर्णिमा था और दूसरा पूर्णिमा 31 जनवरी को पड़ रहा है। यानि एक ही महीने में दो-दो पूर्णिमा।

ब्लड मून क्या है?

पृथ्वी की छाया जब पूरे चंद्रमा को ढक देती है तो उसके बाद भी सूर्य की किरणें चंद्रमा तक पहुंच जाती है। लेकिन सूर्य की किरणें चंद्रमा तक पृथ्वी के वायुमंडल से होकर ही पहुंचती है। पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद सूर्य की किरणें बिखर जाती हैं। जब ये किरणें चांद पर पड़ती है तो चंद्रमा का रंग लाल रंग का दिखाई देता है। इसी स्थिति को ब्लड मून कहा जाता है।

ब्लड मून की स्थिति इससे पहले 1982 में दिखाई दी थी। सुपर ब्लड मून के दिन चंद्रमा सामान्य से 10 फीसदी या इससे बड़ा नजर आता है। इस अवस्था में चांद 30 फीसदी ज्यादा चमकदार भी दिखाई देता है।

सुपर मून क्या है?

चंद्रमा जब अपने सामान्य आकार से ज्यादा बड़ा दिखाई देता है तो उसे ही सुपर मून कहा जाता है। चंद्रमा का आकार इसलिए बड़ा दिखाई देता है क्योंकि इस दौरान चंद्रमा धरती के काफी करीब होता है।

शाम के 5.20 से रात के 8.43 तक होगा चंद्रग्रहण

जब तीनों सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में होते हैं तो यह पूर्ण चंद्रग्रहण होता है। लेकिन इस दौरान सूर्य की कुछ रौशनी पृथ्वि के वायुमंडल से होकर चंद्रमा तक पहुंच जाती है। इसी वजह से चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है। बुधवार को चंद्रग्रहण शाम के 5 बजकर 20 मिनट पर शुरु होगा और रात के 8 बजकर 43 मिनट पर खत्म होगा।

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