चंद्रग्रहण का किस राशि पर कैसा प्रभाव होगा?

चंद्रग्रहण का किस राशि पर कैसा प्रभाव होगा?

नई दिल्ली:  पूर्ण चन्द्रग्रहण के समय चन्द्रमा राशि कर्क में 16 अंश 14 कला 17 विकला का भोग कर चुके होंगे तथा ग्रहण के स्पर्श के समय पुष्य नक्षत्र में होकर उत्तर दिशा में विद्यमान होंगे । परन्तु मोक्ष काल तक चंद्रमा पुष्प नक्षत्र का भोग कर अश्लेषा नक्षत्र का भोग कर रहे होंगे ।

भारतीय समयानुसार ग्रह सायं 5:18 बजे से ग्रहण स्पर्श प्रारंभ हो जायेगा । ग्रहण का प्रारंभ अर्थात सम्मीलन सायं 6: 22 पर होना प्रारंभ हो जायेगा । ग्रह का मध्य सायं 7:00 बजे होगा । ग्रहण का उन्मीलन अर्थात समाप्ति रात 7:38 पर होगा । ग्रहण का मोक्ष रात्रि 8:42 पर होगा ।

31 जनवरी का चन्द्रोदय का समय सायं 5:48 बजे होगा । अर्थात चन्द्रमा ग्रहण से ग्रसित ही उदित होंगे । ग्रहण का सूतक नौ घंटा पूर्व ही प्रात: 08:18 से ही प्रारंभ हो जायेगा । तथा चन्द्र ग्रहण पूर्वी क्षितिज पर दिखना सुरू हो जायेगा । ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटा 7 मिनट होगी ।

यह खग्रास चन्द्र ग्रहण कर्क राशि व पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र में होगा । कर्क राशि के जातकों और पुष्य तथा अश्लेषा नक्षत्र में उत्पन्न हुए जातकों के लिए विशेष अशुभ फल प्रदान करेगा । परन्तु अन्य राशियां भी इसके प्रभाव से अछूती नही रहेंगी ।

किस राशि पर कैसा प्रभाव होगा?

मेष- मेष राशि वालों को यह ग्रहण सुख व सफलता प्रदान करायेगा ।

वृषभ- वृषभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभ प्रदान करेगा ।

मिथुन – मिथुन राशि वालों के लिए यह ग्रहण हानिकारक सिद्ध होगा तथा कई तरह के विघ्नो को उत्तपन्न करेगा ।

कर्क -कर्क राशि वाले जातकों के लिए यह ग्रहण विशेष रूप से पीड़ादायक और घात, दुर्घटना या मानसिक आधात काल दुख देने का कारण साबित होगा ।

सिंह – सिंह राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण व्यय तथा हानि का मार्ग प्रशस्त करेगा ।

कन्या -कन्या राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण शोभावृद्धि करने वाला व लाभप्रद रहेगा ।

तुला – तुला राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण कुछ ना कुछ क्षति व मानसिक व्यथा करायेगा ।

वृश्चिक -वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण चिन्ता में वृद्धि करायेगा कुछ नई उलझन और परेशानियों को प्रदान करेगा ।

धनु – धनु राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण सुखों, सुविधाओं में वृद्धि प्रदान करेगा ।

मकर – मकर राशि के जातकों के लिए स्त्री को उसके पति के लिए और पति हो तो उसके पत्नि के लिए कष्टकारी रहेगा, दम्पति को शारीरिक व्याधि व बीमार करेगा ।

कुंभ – कुम्भ राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण रोग तथा शारीरिक व्याधि का करण पैदा करेगा, जो मृत्यु का कारण भी बन सकता है ।

मीन – मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण अपमान , बदनामी तथा कलंक का फल प्रदान करेगा।

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