लोढ़ा कमेटी के निर्देश पर BCCI के बैंक अकाउंट फ्रीज, भारत-न्यूजीलैंड सीरीज पर भी खतरा !

दिल्ली: दुनिया के अमीर क्रिकेट बोर्ड में शुमार BCCI के तंगहाली के दिन की शुरुआत हो सकती है। ये जानकार किसी को भी हैरानी होगी कि जिस बोर्ड के पास कुबेर हो भला उसे पैसों की कमीं क्यों होने लगी। BCCI को पैसों की कमी इसलिए होने लगी क्योंकि लोढ़ा कमेटी ने बैंकों को BCCI के अकाउंट फ्रीज करने के निर्देश दिये हैं।

हलांकी BCCI के बैंक अकाउंट फ्रीज करने के निर्देश की बात का जस्टिस लोढ़ा ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि ईमेल को सही तरीके से पढ़ा नहीं गया। BCCI के बैंक अकाउंट फ्रीज करने के निर्देश नहीं दिये गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड सीरीज रद्द होने का सवाल ही नहीं है।
लेकिन कहा ये भी जा रहा है कि लोढ़ा कमेटी की जिस चिट्टी में BCCI के बैंक अकाउंट को फ्रीज करने के निर्देश दिये गए हैं उसमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यस बैंक का जिक्र है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक दोनों बैंकों ने फैसला लिया है कि वो BCCI का भुगतान रोकेंगे। हलांकी इसपर BCCI के एक अधिकारी ने कहा है कि 6 अक्टूबर तक इंतजार किया जाए। उस दिन सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई करेगा। उम्मीद है तब सबकुछ सही हो जाएगा।

एक और अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि बोर्ड भारत-न्यूजीलैंड सीरीज रद्द करने का फैसला लेने को मजबूर है। अधिकारी के मुताबिक BCCI के अकाउंट फ्रीज करने का फैसला लिया है। ऐसे में भारत-न्यूजीलैंड सीरीज रद्द करने के सिवाय बोर्ड के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है।

समिति की तरफ से बैंकों को लिखी चिट्ठी में लिखा गया है कि ‘समिति को पता चला है कि बीसीसीआई की 30 सितंबर 2016 को हुई आपात कार्यकारी बैठक में कुछ फैसले लिए गए हैं। जिसमें विभिन्न सदस्य संघों को काफी बड़ी राशि का वितरण किया गया है।‘ BCCI के कई अधिकारियों को भी यही चिट्टी भेजी गई है।

लोढ़ा कमेटी और बीसीसीआई के बीच विवाद की शुरुआत समिति की सिफारिशों को लेकर है। बीसीसीआई में बदलाव और सुधार के लिए लोढ़ा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की पेशकश की है। लेकिन कमेटी का ये आरोप है कि बीसीसीआई मनमानी कर रही है और सिफारिशों को लागू नहीं कर रही है। इसकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट में भी की गई। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को फटकार लगाते हुए कहा था कि सुधर जाओ नहीं तो हमें सुधारना भी आता है। इसी मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है । कमेटी की यही रिपोर्ट दोनों के बीच विवाद का विषय बना है।

Loading...

Leave a Reply