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‘तन्हाइयों में हमारी याद आएगी’…नहीं रहीं मुबारक बेगम

‘तन्हाइयों में हमारी याद आएगी’…नहीं रहीं मुबारक बेगम

तकरीबन 40 दशक पहले अपनी मखमली आवाज से संगीत के अलग सुरों को गीतमाला में पिरोने वाली मुबारक बेगम अब हमारे बीच नहीं हैं। 80 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई में आखिरी सांस ली। मुबारक पिछले कुछ वक्त से बीमार चल रही थीं। आर्थिक तंगी की वजह से इलाज का इंतजाम नहीं हो पा रहा था।

1950 से 70 के दशक में बॉलीवुड के लिए सैंकड़ों गीत और गजलों को अपनी आवाज दी थी मुबारक बेगम ने। फिल्म ‘हमारी याद आएगी’ फिल्म में उनका गाना ‘तन्हाइयों में हमारी याद आएगी…’ आज भी कहीं न कहीं सुनने को मिल जाते हैं। उन्होंने कई शोहरत वाले संगीतकारों के साथ भी काम किया। इनमें एसडी बर्मन, शंकर जयकिशन और खय्याम साहब शामिल हैं।

उनके गाए गीतों में ‘हम हाल ए दि सुनाएंगे’ काफी मशहूर हुआ। उनका बचपन तंगहाली में बीता था। पिता की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। लेकिन उनके पिता को संगीत से काफी लगाव था। मुबारक के दादा चाय की दुकान चलाते थे। मुबारक जब काफी कम उम्र की थी तब उनके पिता परिवार सहित अहमदाबाद आ गए। जहां फल बेचना शुरु कर दिया। लेकिन इन मुश्किलों के बीच भी संगीत के शौक को मरने नहीं दिया।

मुबारक जैसे जैसे बड़ी हुईं तो उन्हें संगीत के क्षेत्र में खुद को साबित करने के मौके भी मिले। लेकिन उन्हें एक शिकवा रह गया इस फिल्म इंडस्ट्री से।

उनका मानना था कि जब वो शोहरत की बुलंदियों पर थीं तब उनके खिलाफ इंडस्ट्री में राजनीति शुरु हुई। कई ऐसे गाने थे जिसके लिए उन्हें चुना गया था। लेकिन बाद में उनकी जगह किसी और से उस गाने को गवाया गया।

धीरे धीरे मुबारक बेगम के पास कम कमी हो गई और परिवार चलाना मुश्किल होने लगा। आमदनी का कोई दूसरा जरिया बचा नहीं था। उनके परिवार में एक बेटा- बहू, एक बेटी और चार पोतियां हैं। मुबारक का बेटा ऑटो चलाकर घर का खर्च चलाता है और बेटी को पार्किंसन की बीमारी है। मुंबई जैसे जगह में मुबारक का परिवार मुश्किल से अपना गुजारा कर रहा है।
-Singer Mubarak Begum passes away

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