कुलभूषण जाधव की मां ने सूझबूझ से पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम कर दी

नई दिल्ली:  पाकिस्तानी हुकूमत ने जिस हालत में पूर्व नौसेना अफसर कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात करवाई उससे ये साफ हो चुका है कि इस मुलाकात के जरिये पाकिस्तान ने एक गहरी साजिश रची थी। जिसमें वो कुलभूषण को आतंकि साबित करने के अपने दावे को और पुख्ता बनाना चाहता था। मुलाकात में कुलभूषण वही बोल रहा था जो उससे कहने के लिए कहा गया था। अपने बेटे से मिलकर वापस आई उनकी मां ने खुद ये बतें बताई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा उस तरह का बर्ताव नहीं कर रहा था जैसा की वो अकसर किया करता था।

उन्होंन ये भी कहा कि वो पूरी तरह से स्वस्थ्य भी नहीं लग रहे थे। पाकिस्तानी सरकार की सख्त निगरनी में ये मुलाकात हुई थी। जिसमें हर कदम पर पाकिस्तानी हुकूमत ने साजिशों के तार बुने थे। कुलभूषण की मां और पत्नी को धोखे से भारतीय अधिकारी से छुपाकर पिछले दरवाजे से मुलाकात के लिए ले जाया गया। क्योंकि अधिकारी की मौजूदगी में पाकिस्तान को अपनी पोल पट्टी खुलने का खतरा सता रहा था।

फाइल

जाधव की मां और पत्नी से तकरीबन 40 मिनट तक मुलाकात हुई। जिसमें पाकिस्तानी हुकूमत ने उन्हें हिंदी में बात करने के लिए कहा। जबकि वो मराठी में बात करना चाहते थे। इस मुलाकात में जाधव ने अपनी मां से कहा कि वो दुनिया को सच बता दे कि उनका बेटा भारत का जूसूस है। जो बलूचिस्तान से ऑपरेट कर रहा था। और वो आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था। जाधव के इतना कहने के बाद उनकी मां ने तुरंत आपत्ति जताते हुए कहा तुम दुनिया को सच बताओ कि तुम एक बिजनेसमैन हो।

दरअसल जाधव से ऐसा कहने के लिए पाकिस्तानी हुकूमत ने कहा था। इसके लिए कुलभूषण जाधव पर दबाव बनाया गया था। जाधव के इस बयान को पाकिस्तानी हुकूमत अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस्तेमाल करने की साजिश कर चुका था। लेकिन धन्य हो वो मां जिसने ऐन मौके पर पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम कर दिया।

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इस मामले पर आज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में भी बयान दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हुकूमत ने जाधव की मां और पत्नी को एक विधवा की तरह उनके सामने पेश किया। उनके कपड़े बदलवाए गए, मंगलसूत्र, बिंदी सबकुछ उतरवाया गया। यहां तक कि उनके जूते भी उतरवा लिये गए। जिसके बारे में पाकिस्तान कह रहा है कि उसमें चिप, कैमरा लगा था।

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