कहीं नोट से भी बापू को गायब न कर दिया जाए-तुषार गांधी




नई दिल्ली: खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर और डायरी से बापू की तस्वीर हटाकर पीएम मोदी की तस्वीर छापने पर महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि बापू को नोटों से भी गायब कर दिया जाए। इस विवाद पर पीएमओ की तरफ से कहा गया है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि नोट पर बापू की ही तस्वीर रहेगी।

दरअसल खादी विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन ने कहा था कि मोदी मौजूदा वक्त में खादी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। मोदी की एक अंतरराष्ट्रीय पहचान है। और खादी को लोकप्रिय बनाने में उन्होंने अपना काफी योगदान दिया है। पीएमओ के सूत्रों ने कहा है कि इससे पहले भी 1996, 2002, 2005, 2011, 2012, 2013 में इस तरह के बदलाव किये गए थे। इनमें चार मौकों पर यूपीए की सरकार थी।

पीएमओ ने कहा कि जो लोग इस विवाद को हवा दे रहे हैं उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि कांग्रेस के 50 साल के शासन में खादी की बिक्री 2 से 7 फीसदी के बीच रही। लेकिन पिछले दो साल में खादी की बिक्री में 34 फीसदी का उछाल आया है। ये पीएम की कोशिशों का नतीजा है।

एक न्यूज पोर्टल पर छपी खबर के मुताबिक तुषार गांधी ने कहा कि सरकार बापू को भूलने की कोशिश कर रही है। सरकार चाहती है कि बापू की जगह दूसरों को बैठा दें। पीएम सिर्फ अपनी इमेज बनाने के लिए बापू के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। डायरी और कैलेंडर से फोटो हटाना सोचा समझा कदम था। अफसरों के लिए ऐसा करना उनकी मजबूरी है। क्योंकि अपने काम से वो कभी सराहना पा नहीं सकते। इसलिए ऐसे गलत फैसले ले रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मैं भी सोच रहा हूं कि कहीं नोटों से भी बापू को गायब न कर दिया जाए। सरकार ने 2000 के नए नोटों में गांधीजी की फोटो बदल दी। पिछले दिनों तो कुछ नोटों से उन्हें गायब ही कर दिया था। ये सरकार का एक्सपेरिमेंट हो सकता है।

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