हार्दिक पटेल को झटका, केतन पटेल ने छोड़ा साथ, अब बीजेपी का रुख

नई दिल्ली:  गुजरात की सियासत में अनिश्चितता कुछ इस कदर हावी है कि ये कहा नहीं जा सकता है कौन किसके साथ कब तक है और कौन अपने पुराने साथी को छोड़कर नए साथी से हाथ मिला रहा है या मिला लेगा। अगर बात हार्दिक पटेल की करें तो उन्हें अपने पुराने साथियों को अपने साथ बनाए रखने के लिए एक लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

अबतक पाटीदार आरक्षण आंदोलन में केतन पटेल हार्दिक पटेल के साथ थे। लेकिन अब उन्होंने अपना साथी बदल लिया है। केतन ने हार्दि का साथ छोड़ दिया है और वो बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। कुल मिलाकर हार्दिक की हालत मझदार में फंसी उस किश्ती की तरह है जो ये फैसला नहीं कर पा रहा है कि किस तरफ जाना उसके लिए सुरक्षित है।

केतन पटेल एक वक्त में हार्दिक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते थे। केतन मंच से लेकर मैदान तक हार्दिक के साथ दिखाई देते रहे हैं। लेकिन अब उन्होंने हार्दिक का हाथ झटक कर बीजेपी का झंडा अपने हाथ में थाम लिया है। केतन पर राजद्रोह का केस भी दर्ज हुआ था। लेकिन बाद में वो हार्दिक के खिलाफ गवाह बने थे।

केतन अकेले नहीं हैं जिन्होंने बीजेपी का दामन थामा है। इससे पहले हार्दिक के बेहद करीबी रेशमा पटेल और वरुण पटेल भी बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद रेशमा और वरुण ने हार्दिक पर समाज के साथ गद्दारी का आरोप भी लगाया था। चिराग पटेल और महेश पटेल भी पाटीदारों का साथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

दूसरी तरफ हार्दिक हैं। जो बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ने और उसे हराने का एलान कर चुके हैं। लेकिन बिना कांग्रेस के खेमे में शामिल हुए ये संभव नहीं है। यहां पेंच ये है कि कांग्रेस और हार्दिक के बीच अबतक कुछ भी तय नहीं हुआ है। दोनों तरफ से सहमति की बात कही जा रही है। लेकिन पाटीदार आरक्षण पर तथ्यों पर आधारित फॉर्मूला मांग रहे हैं हार्दिक। जो संविधान के दृष्टिकोण से भी सही है। लेकिन कांग्रेस अबतक वो फॉर्मूला हार्दिक के सामने नहीं रख सकी है। इसलिए यहां वेट एंड वॉच की स्थिति बनी हुई है।

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