कर्नाटक के विधायकों के लिए केरल टूरिज्म ने दिया ये विज्ञापन

नई दिल्ली:  सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद फरोख्त और उन्हें बाहरी दुनिया से दूर रखने के लिए फाइव स्टार होटलों में रखना कोई नई बात नहीं। ऐसे में अब जब कर्नाटक में भी खंडित जनादेश मिला है तो विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका और भी बढ़ जाती है। इस बीच केरल टूरिज्म ने ट्वीटर पर विधायकों को अनूठा न्यौता दिया है।

केरल पर्यटन द्वारा ‘कम आउट एंड प्ले ’ हैशटैग के साथ ट्वीट किया था। ‘‘कर्नाटक के उतार-चढ़ाव भरे नतीजे के बाद हम सभी विधायकों को गॉड्स ओन कंट्री के सुरक्षित और शानदार रिसार्ट में तरो – ताजा होने के लिए आमंत्रित करते हैं’’ हालांकि बाद में केरल टूरिज्म के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट को डिलीट कर तो दिया।लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट काफी वायरल होने लगा।

कर्नाटक में किसी को भी बहुमत प्राप्त नहीं

कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए चाहे बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस हो। किसी को भी बहुमत नहीं मिल सका। तीनों ही दलों द्वारा सरकार बनाने के लिए जहोजद कोशिश कर रही है। गेंद राज्यपाल के पाले में है कि वह किस दल को सरकार बनाने के लिए न्यौता देते हैं। राज्य में बीजेपी 104 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं काग्रेस ने 78 और जेडीएस ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की ।

चुनाव परिणाम के ठीक बाद कांग्रेस ने जेडीएस से गठबंधन का ऐलान कर दिया। जिससे बहुमत के लिए जरूरी 112 के आंकड़ों को गठबंधन ने छू लिया है। वहीं बीजेपी को सरकार बनाने के लिए 8 सीटों से दूर है।अब ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राजनीतिक दलों द्वारा राज्य में विधायकों को लुभाने के लिए कोई भी कदम उठाया जा सकता है।

खरीद फरोख्त की आशंका
सत्ता हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा विधायकों को दूसरे दलों के प्रभाव से बचाने के लिए रिसॉर्ट/होटलों में रखा जाता है। इसकी बानगी हाल में गुजरात राज्यसभा चुनाव और तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान देखने को मिली थी।पिछले साल गुजरात के राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के 44 विधायकों को बेंगलुरु के रिसॉर्ट में रखा गया था।

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