NIA छापेमारी के खिलाफ नहीं हो पाई अलगाववादियों की बैठक, यासीन मलिक गिरफ्तार

नई दिल्ली:  नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी यानी NIA अलगाववादियों के खिलाफ छापेमारी कर रही है। NIA ने इस मामले में दिल्ली में भी 8 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसमें करोड़ों रुपये बरामद हो चुके हैं। NIA की ये छापेमारी शनिवार और रविवार को हुई। अबतक NIA अलगावादी नेताओं से जुड़े 28 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। इनमें अलगाववादी नेता गिलानी के रिश्तेदारों के ठिकाने भी शामिल हैं।

NIA की इस छापेमारी के विरोध में अलगाववादी नेताओं ने गिलानी की अगुवाई में सोमवार को बैठक बुलाई थी। कश्मीर के हैदरपोरा में हुर्रियत कांफ्रेंस के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के घर पर होनी थी। लेकिन वहां पहले ही पुलिस की तैनाती कर दी गई। इस बैठक में अलगाववादी नेता पहुंच पाते उससे पहले ही कश्मीर में गिलानी के घर के एंट्रेंस को सील कर दिया गया।

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वहां जेकेएलएफ के नेता यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे थाने ले जाया गया। दरअसल पिछले दिनों एक टीवी चैनल की तरफ से किये गए स्टिंग ऑपरेशन में ये सामने आया था कि किस तरह से अलगाववादी नेता पाकिस्तन और आतंकी हाफिज सईद से पैसे लेते हैं। अलगाववादी नेता दावा कर रहे हैं कि NIA बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है।

दरअसल स्टिंग ऑपरेशन में ये बात सामने आई थी कि पाकिस्तन सरकार की तरफ से कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को फंडिंग दी जाती है। ये पैसे पाकिस्तान से पहले दुबई पहुंचते हैं फिर दुबई से इन पैसों को नेपाल और बांग्लादेस के रास्ते भारत लाया जाता है। इस काम में दिल्ली में बैठे हवाला कारोबारी अपना कमीशन काटकर अलगाववादी नेताओं तक उनका पैसा पहुंचाते हैं। अलगाववादी नेता कश्मीर में हालात बिगाड़ने के लिए पाकिस्तान से पैसे लेते हैं। स्टिंग ऑपरेशन में ये बात सामने आई थी कि गिलानी को पाकिस्तान अरबों रुपये हर साल देता है। और इसके बदले गिलानी कश्मीर में पत्थरबाजी करवाता है, स्कूल जलवाता है और अशांति फैलाता है।

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