कासगंज हिंसा पर बरेली के डीएम के इस पोस्ट पर बढ़ा विवाद

लखनऊ: यूपी का कासगंज पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाया है। वहां इंटरनेट सेवाएं तो बहाल हो गई लेकिन तनाव अब भी बन हुआ है। सोमवार रात वहां फिर से एक दुकान में आग लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। इस बीच एक फेसबुक पोस्ट सामने आया है। जिसे बरेली के डीएम कैप्टन राघवेंद्र विक्रम सिंह ने लिखा है।

बरेली के जिलाधिकारी कैप्टन राघवेंद्र विक्रम सिंह ने रविवार की शाम 7.55 मिनट पर फेसबुक पर एक कासगंज में बिगड़े हालात को लेकर एक पोस्ट डाला। जिसमें उन्होंने लिखा अजब रिवाज बन गया है, मुस्लिम मुहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ। क्यों भाई वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली के खैलम में हुआ था। फिर पथराव हुआ, मुकदमे लिखे गए…

बरेली के जिलाधिकारी कैप्टन राघवेंद्र पूर्व सैन्य अफसर रह चुके हैं। वो इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। डीएम ने आर विक्रम सिंह के नाम से बने फेसबुक पेज पर यह पोस्ट गणतंत्र दिवस से दो दिन बाद 26 जनवरी को किया था। यानि डीएम ने ये पोस्ट कासगंज हिंसा के बाद किया था।

इस पोस्ट पर शुरुआत के कुछ घंटों तक लोगों की काफी प्रतिक्रिया आई। जिसके बाद उन्होंने इस पोस्ट को एडिट कर दिया। जब डीएम साहब के इस पोस्ट पर काफी चर्चा होने लगी तो उन्होंने इसमें 26 जनवरी की ऐतिहासिकता से जुड़ा कंटेंट डाल दिया। लेकिन इससे एडिट हिस्ट्री नहीं हटी। जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने इसे अपना नीजी विचार बता दिया।

इसपर यूपी सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा प्रशासनिक अधिकारियों को माहौल ठीक करने में अपनी ताकत लगानी चाहिए ना कि उसे बिगाड़ने में। उनका काम व्यवस्था ठीक करना है।

Loading...