जज लोया के बेटे ने कहा ‘हार्ट अटैक से ही हुई थी पिता जी की मौत हमें कोई शक नहीं’

नई दिल्ली:  जज लोया की मौत के मामले पर उनके बेटे अनुज लोया ने प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें उन्होंने कहा कि उनके पिता जी की मौत हार्ट अटैक से ही हुई थी। इसमें उन्हें किसी पर शक नहीं है। पिताजी की मौत स्वाभाविक थी। अनुज लोया ने आगे कहा हमें किसी पर भी आरोप नहीं लगाना है। हमारा किसी पर कोई आरोप नहीं है। मैं सभी से गुजारिश  करना चाहता हूं कि मुझे और तकलीफ ना दें। हमारे परिवार को परेशान ना किया जाए।

जज लोया के बेटे अनुज लोया की बातों पर सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन के सचिव ने कहा हो सकता है जज लोया का बेटा दबाव में हो और इसी वजह से उसने इस तरह का बयान दिया है। चुकी मामला कोर्ट में है इसलिए कोर्ट को अपना काम करने देना चाहिए। अनुज लोया की बातों से इस केस पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी थी। सुप्रीम कोर्ट के चार जज जिनमें जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ ने 7 पन्नों की प्रेस रिलीज जारी की। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे। चारों वर्तमान जजों ने जो बातें कही उसका मतलब ये था कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और सुप्रीम कोर्ट की साख खतरे में है।

सुप्रीम कोर्ट जज विवाद में जज लोया की संदिग्ध मौत को अहम वजह माना जा रहा है। सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले की सुनवाई करने वाले सीबीआई के जज बी एच लोया कर रहे थे। जिन चार जजों ने प्रेस कांफ्रंस कर सीजेआई पर आरोप लगाए थे उनमें से एक थे जस्टिस गोगोई। जस्टिस गोगोई ने कहा कि विवाद की वजह जज लोया की संदिग्ध मौत भी है।

प्रेस कांफ्रेंस में जब जस्टिस गोगोई से पूछा गया था कि क्या ये विवाद जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत से जुड़ा है तो इसपर जस्टिस गोगोई ने कहा जी हां।

जस्टिस लोया की मौत वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई भी हुई। इस याचिका पर जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस शांतनागौडर की बेंच ने की। उन्होंने सुनवाई 15 जनवरी तक टाल दी है।

सुप्रीम कोर्ट जज विवाद पर कांग्रेस ने भी प्रेस कांफ्रेंस की थी। जिसमें खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी उस प्रेस कांफ्रेंस में शामिल थे। कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सीजेआई पर सवाल उठाए हैं वो गंभीर है। साथ ही कांग्रेस की तरफ से मांग की गई कि जज लोया की मौत की जांच सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज की तरफ से करवाई जाए।

जज लोया की एक दिसंबर 2014 को नागपुर में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। उनकी मौत तब हुई थी जब वो अपने सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे। उनकी बहन ने अपनी भाई के मौत पर सवाल उठाए थे। बहन की तरफ से भाई की मौत पर सवाल उठाने के बाद मीडिया में जज लोया की मौत और सोहराबुद्दीन केस से उनके जुड़े होने की परिस्थितियों पर संदेह जताया गया।

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