फेक न्यूज देनेवाले पत्रकारों की मान्यता होगी रद्द, पत्रकारों की बैठक आज

नई दिल्ली:  केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। जिसमें ये कहा गया है कि फेक न्यूज देनेवाले पत्रकारों की मान्यता रद्द होगी। लेकिन यहां बड़ा सवाल ये बन गय है कि ये पता कैसे चलेगा कि न्यूज फेक है या नहीं। सरकार के इस फैसले का कई पत्रकारों ने विरोध किया है। कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने कहा कि हम इसका समर्थन करते हैं लेकिन इस बात की क्या गारंटी है कि इसके तहत सरकार के खिलाफ खबर देनेवाले पत्रकारों को निशाना नहीं बनाया जाएगा।

कौन सी न्यूज फेक और इसकी जांच प्रिंट मीडिया के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया यानि पीसीआई और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े मामले की जांच न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन यानि एनबीए करेगा। दोनों संस्थाओं को शिकायत मिलने के बाद 15 दिन में जांच पूरी करनी होगी। अगर शिकायत एक बार दर्ज हो जाती है तो फिर आरोपी पत्रकार की मान्यता जांच के दौरान भी रद्द रहेगी।

अगर कोई पत्रकार पहली बार फेक न्यूज प्रकाशित करने में दोषी पाया जाता है तो 6 महीने के लिए उसकी मान्यता रद्द की जाएगी, दूसरी बार ये सजा एक साल की होगी और अगर पत्रकार तीसरी बार दोषी पाया जाता है तो फिर हमेशा के लिए उसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने सरकार के इस नई गाईडलाइन पर कहा

1.मैं फेक न्यूज पर अंकुश के प्रयास की सराहना करता हूं, लेकिन मेरे मन में कई सवाल उठ रहे हैं।

  1. क्या गारंटी है कि इस नियम का इस्तेमाल ईमानदार पत्रकारों को प्रताड़ित करने के लिए नहीं किया जाएगा?
  2. यह कौन तय करेगा कि क्या फेक न्यूज है?
  3. क्या यह संभव नहीं कि जानबूझकर किसी के खिलाफ शिकायत की जाए, ताकि जांच जारी रहने तक उसकी मान्यता निलंबित हो जाए?
  4. इसकी क्या गारंटी है कि ऐसे गाइडलाइन से फेक न्यूज पर रोक लगेगी। कहीं यह सही पत्रकारों को सत्ता के खिलाफ असहज खबरें जारी करने से रोकने की कोशिश तो नहीं?

कांग्रेस नेता अहमद पटेल के इन सावलों का जवाब सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने दिया । जिसमें उन्होंने बताया यह बताना उचित होगा कि फेक न्यूज के मामले पीसीआई और एनबीए के द्वारा तय किये जाएंगे। दोनों एजेंसियां भारत सरकार के द्वारा रेगुलेट या ऑपरेट नहीं की जाती हैं।

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