JNU वाले Umar Khalid ने बुरहान वानी को बताया क्रांतिकारी

आतंकी बुरहान वानी की मौत पर घाटी में तनाव के हालात बने हुए हैं। मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। कई जगहों पर कर्फ्यू लगा दिया गया है। अमरनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। ये तो बात हुई जम्मू कश्मीर की।

जेएनयू से रिसर्च स्कॉलर और देशद्रोह के आरोपी Umar Khalid ने मारे गए आतंकी बुरहान वानी की तारीफ करते हुए उसकी तुलना क्रांतिकारी से की है। Khalid ने अपने फेसबुक पोस्ट में बुरहान वानी की तुलना साउथ और लैटिन अमेरिका के क्रांतिकारी चे ग्वेरा से की है।

umar-khalid-jnu-student
वानी के समर्थन में लिखे पोस्ट में Umar Khalid ने चे ग्वेरा को कोट किया है। इसकी शुरुआत में उन्होंने लिखा है ‘मुझे अपने मरने का कोई गम नहीं होगा अगर मेरे मरने के बाद कोई मेरी बंदूक उठा ले और गोली चलाना जारी रखे-चे ग्वेरा।‘ Khalid ने आगे लिखा ‘ये चे के शब्द हैं। लेकिन बुरहान वानी के भी हो सकते थे। बुरहान मौत से नहीं डरता था। वह गुलामी की जिंदगी से डरता था। वह इससे नफरत करता था। वह एक आजाद इंसान की तरह जिया और एक आजाद इंसान की मौत भी मरा।‘

facebook-umar-khalidइस पोस्ट में Umar Khalid ने सरकार से सवाल किया है कि ‘तुम ऐसे लोगों को कैसे हराओगे, जिन्होंने अपने डर को हरा दिया है ?’
Umar के इस फेसबुक पोस्ट के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर लोगों ने ट्रोल करना शुरु कर दिया। जिसके बाद Umar ने एक और पोस्ट लिखा ‘ट्रोलर आर्मी मैं हार मानता हूं। तुम सैंकड़ों का सामना मैं अकेले कैसे कर सकता हूं। हां मैं गलत था। मुझे वानी की मौत की खुशी में तुम्हारा साथ देना चाहिए था। देशद्रोही, आतंकी, गद्दार…। मुझे माफ करना, कल से मैं तुम्हारी राष्ट्रवाद की मर्दानगी को संतुष्ट करने में मदद करुंगा। मैं हत्याओं, रेप और टॉर्चर, गायब कर देने, आप्सपा और सब चीजों की खुशी मनाऊंगा…।‘ इसेस आगे Umar Khalid ने घाटी में हुए कई एनकाउंटर का भी जिक्र किया था। अंत में Umar Khalid ने एक सवाल किया है कि ‘मेरे राष्ट्रवादी दोस्तों, मुझे एक चीज बताना कि क्या इससे कश्मीर में जमीनी हालात बदल जाएंगे?’
कौन है Umar Khalid ?

Umar Khalid तब चर्चा में आया था जब उसने जेएनयू कैंपस में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू के समर्थन में शहीदी दिवस मनाया था। उस कार्यक्रम में देश विरोधी नारे भी लगाए गए थे। और Umar Khalid पर देश विरोधी नारा लगाने का आरोप है। देश विरोधी नारा लागने का आरोप लगने के बाद कई दिनों तक Umar Khalid गायब रहा था। जेएनयू मैनेजमेंट की तरफ से भी Khalid के जेएनयू में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया।

जिस बुरहान वानी को Umar Khalid क्रांतिकारी बता रहा है दरअसल उसे सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को मार गिराया था। वानी जम्मू कश्मीर के त्राल का रहनेवाला था। उसे हिजबुल का पोस्टर बॉय कहा जाता था और उसपर 10 लाख का इनाम था। 2010 से वो घाटी में सक्रिय था। सोशल साइट्स के जरिये वो युवाओं को हिजबुल के नेटवर्क से जोड़ने का काम करता था। शनिवार को वानी के अंतिम संस्कार में हजारों की भीड़ जुटी थी। इस दौरान हुए विरोध प्रदर्शन में 12 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग हो गए।

Loading...