पांच कुरान बांटने की शर्त पर ऋचा भारती को मिली जमानत, फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगी

रांची/झारखंड:  सोशल मीडिया में धार्मिक भावनाओ को ठेंस पहुंचाने के मामले में ऋचा भारती को जमानत मिल गई है। लेकिन कोर्ट ने ऋचा को शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने 15 दिनों के भीतर ऋचा को कुरान की पांच प्रति बांटने के लिए कहा है। इनमें से प्रति अंजुमन इस्लामिया को देनी है। बाकी की चार प्रति किसी विश्वविद्यालय या स्कूल में बांटनी है। लेकिन ऋचा ने कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का फैसला किया है।

ऋचा ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि मुझे किसी धर्म से बैर नहीं है लेकिन मैं कुरान नहीं बांटूंगी। वहीं उसके परिजनों का कहना है कि वो कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन ये फैसला सही नहीं है। हम कानूनी राय ले रहे हैं। हम ऊपरी अदालत में इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।

ऋचा का कहना है कि हमें मुसलमानों से बैर नहीं है। हम अल्लाह, राम दोनों को मानते हैं। हम किसी धर्म को ठेंस पहुंचान के मकसद से पोस्ट नहीं कर रहे थे। लेकिन कोर्ट ने जमानत के दौरान जो पांच कुरान बांटने को कहा है वो मैं नहीं बांटूंगी। आज कुरान बांटने को कहा जा रहा है कल कुछ और करने को कहा जाएगा। उन्होंने आगे कहा दूसरे धर्म के लोग गंदी तस्वीरों के साथ दूसरे धर्म के बारे में पोस्ट कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनपर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

क्या है मामला?

ये मामला झारखंड में रांची से 20 किलोमीटर दूर पिठोरिया का है। जहां की रहनेवाली ऋचा भारती ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट डाला था। जिसके खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाते हुए पिठोरिया थाने में केस दर्ज किया गया था। 12 जुलाई को पुलिस ने ऋचा को उसके घर से हिरासत में लिया और उसी दिन उसे जेल भेज दिया। ऋचा 15 जुलाई को जमानत पर रिहा हुई हैं।

अदालत के इस फैसले को लेकर कई हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई है। और विरोध मार्च भी निकाला। बीजेपी प्रवक्ता अतुल सहदेव ने कहा कि कोर्ट का फैसला हैरान करने वाला है। इस तरह का फैसला न हमने कभी देखा और न कभी सुना।

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