रांची: JVM ने हेमंत सरकार से समर्थन वापस लिया, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

रांची/झारखंड:  JVM सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। समर्थन वापस लेते हुए बाबूलाल ने चिट्ठी में लिखा है कि यूपीए में शामिल कांग्रेस पार्टी उनके विधायकों को तोड़ कर अपनी पार्टी में मिलाने की कोशिश कर रही है। इसलिए हमारी पार्टी समर्थन के मुद्दे पर पुनर्विचार करते हुए आपके (हेमंत सोरेन) नेतृत्व में चल रही यूपीए गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेती है।

दरअसल JVM विधायक प्रदीप यादव ने गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। प्रदीप यादव के साथ विधायक बंधु तिर्की भी थे। बंधु तिर्की को कुछ दिनों पहले ही पार्टी विरोधी गतिविधि की वजह से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह ने इस मुलाकात की तस्वीर भी साझा की थी। उसके बाद से ही ये कयास लगाए जा रहे थे कि प्रदीप यादव और बंधु तिर्की कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। हलांकि अभी तक उन दोनों विधायक के कांग्रेस में शामिल होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

हेमंत सरकार से समर्थन वापसी के साथ-साथ जेवीएम विधायक प्रदीप यादव पर भी कार्रवाई हुई है। पार्टी ने उन्हें विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है। इस संबंध में बाबूलाल ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिख दिया है। जिसमें कहा गया है कि 4 जनवरी को जेवीएम के विधायक दल के नेता के तौर पर प्रदीप यादव के मनोनयन की जानकारी दी गई थी। लेकिन तत्काल प्रभाव से प्रदीप यादव को नेता विधायक दल के पद से मुक्त किया जाता है।

JVM इनदिनों एक असमंजस की स्थिति से गुजर रही है। एक तरफ ये चर्चा जोरों पर है कि बाबूलाल बीजेपी में दोबारा शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। हलांकि इसपर किसी तरह का आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस आशंका के बाद ये सवाल सामने आ रहे थे कि प्रदीप किधर जाएंगे। उसके बाद दिल्ली में राहुल-सोनिया से प्रदीप यादव की मुलाकात ये बताने के लिए काफी है कि प्रदीप यादव ने अपने नए ठिकाने की तलाश कर ली है।

(Visited 199 times, 1 visits today)
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *