पेट्रोल पंप की एक दिन ही हड़ताल से सरकार को 10 करोड़ का नुकसान

गोड्डा/झारखंड:  महंगे वैट के खिलाफ झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की एक दिन की हड़ताल रही। झारखंड के सभी पेट्रोल पंप सुबह 6 बजे से लेकर शाम के 6 बजे तक बंद रहे। इस दौरान राज्यभर के 1100 पेट्रोल पंपों पर सन्नाटा पसरा रहा। एसोसिएशन की तरफ से हड़ताल का फैसला तब लिया गया जब राज्य सरकार की तरफ से वैट की दर कम करने की मांग पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।

इस दौरान गोड्डा के भी सभी 15 पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद रहे। एसोसिएशन की तरफ से राज्य की जनता का भी आभार व्यक्त किया गया। क्योंकि जनता की तरफ से भी इस बंद में पूरी तरह से सहयोग किया गया। दरअसल वैट की दर घटने से पेट्रोल-डीजल भी सस्ता होगा। जिसका फायदा जनता को भी मिलेगा। गोड्डा में पेट्रोल पंपों की हड़ताल की वजह से तकरीबन एक करोड़ रुपये का कारोबार नहीं हुआ।

गोड्डा के पेट्रोल पंप के मालिकों स्वामी आनंद, बाबा बासुकीनाथ पथरगामा के गोपाल भगत, चंद्रा फ्यूल सेंटर पोड़ैयाहाट के के सनुप गुप्ता, इंद्रा ऑटो सर्विस पकड़िया के मुन्ना जी, नेशनल फ्यूल सेंटर धमसांय के परमेश्वर झा और प्रीतेश आनंद ने बताया कि एक दिन के हड़ताल से राज्य सरकार को 10.10 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। इन सबों ने बंदी के दौरान ग्राहकों के सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है।

धनबाद में भी यही हाल रहा। यहां की 135 पेट्रोल पंप सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक हड़ताल पर रहे। यहां जेपीडीए के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में पंप मालिकों ने प्रदर्शन किया। एसोसिएशन की तरफ से कहा गया कि अगर इसके बाद भी सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती है तो इसके बाद अनिश्चितकालीन बंदी की घोषणा भी की जाएगी।

क्या है मांग?

झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की मांग है कि राज्य में वैट की दर को कम किया जाए। ताकि राज्य की जनता को महंगे पेट्रोल-डीजल खरीदने से मुक्ति मिले साथ ही पेट्रोल पंप मालिकों को भी राहत मिले। एसोसिएशन का कहना है कि सितंबर 2018 में राज्य में वैट की दर पश्चिम बंगाल से तकरीबन तीन रुपये और यूपी से 5 रुपया महंगा हो गया है।

अगर बात पिछले तीन सालों में वैट की दरों में हुई वृद्धि की करें तो डीजल पर यूपी में 45 फीसदी, पश्चिम बंगाल में 43 फीसदी का इजाफा हुआ है जबकि झारखंड में ये बढ़ोतरी 60 फीसदी है। वहीं पेट्रोल पर पिछले तीन सालों में यूपी में 30 फीसदी, पश्चिम बंगाल में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जबकि झारखंड में ये बढ़ोतरी 43 फीसदी है।

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