रांची: छठ महापर्व पर हेमंत सरकार की गाइडलाइन, नदी, डैम पर नहीं होगा कोई आयोजन

रांची/झारखंड:  छठ महापर्व को लेकर झारखंड की हेमंत सरकार ने गइडलाइन जारी कर दी है। जिसके मुताबिक किसी भी नदी या तालाब पर किसी तरह का आयोजन नहीं होगा। गाइडलाइन के मुताबिक इसबार छठ महापर्व लोग अपने घरों में ही मनाएंगे। हलांकि सरकार के इस गाइडलाइन के खिलाफ आवाज भी उठने लगी है। और सरकार से इस गाइडलाइन में संशोधन करने की मांग की जा रही है।

कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार की उच्च समिति की तरफ से घाटों पर छठ पूजा पर रोक लगा दी है। सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक किसी भी तालाब, डैम या लेक के किनारे छठ महापर्व के आयोजन पर रोक लगा दी है। दिशानिर्देश के मुताबिक इन सार्वजनिक जगहों पर ना तो किसी तरह की सजावट होगी, ना ही किसी तरह के स्टॉल लगेंगे, ना ही सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे और ना ही किसी तरह की आतिशबाजी होगी।

छठ महापर्व पर जारी दिशानिर्देश के मुताबिक कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दो गज की दूरी से संबंधित केंद्र सरकार के दिशानिर्देश का अनुपालन जरूरी है। सार्वजनिक स्थलों पर छठ पूजा के दौरान छठ व्रति पूरे विधि विधान से नदी तालाब में स्नान करते हैं। ऐसे जगहों पर काफी भीड़ भी होती है। ऐसे में अगर पूजा की अनुमति दी जाती है तो दो गज की दूरी का अनुपालन मुश्किल हो जाएगा। इसलिए यह प्रतिबंध आवश्यक है।

राज्य सरकार के इस गाइडलाइन के बाद राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी की तरफ से इसका विरोध किया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने सीएम हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखी है। जिसमें गाइडलाइन में संशोधन की मांग की गई है। बीजेपी ने सरकार के इस गाइडलाइन को तुगलकी फरमान करार देते हुए इसे लोगों की भावना को आहत करनेवाला बताया है। साथ ही सरकार से इसपर पुनर्विचार करने की मांग की है।

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