गोड्डा: येदियुरप्पा का इस्तीफा बीजेपी की हार और लोकतंत्र की जीत- यूथ कांग्रेस

गोड्डा/झारखंड:  महज ढाई दिन तक सीएम रहने के बाद कर्नाटक में येदियुरप्पा ने अपना इस्तीफा दे दिया। आज यानि शनिवार को येदियुरप्पा को कर्नाटक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना था लेकिन बहुमत परीक्षण से पहले ही येदियुरप्पा ने अपना इस्तीफा दे दिया। दरअसल बीजेपी के पास केवल 104 विधायक थे जबकि बहुमत के लिए 112 विधायकों की जरुरत थी।

कर्नाटक में येदियुरप्पा के इस्तीफे को कांग्रेस बीजेपी का पतन बता रही है। झारखंड के गोड़्डा में भी कर्नाटक को लेकर कांग्रेसी नेताओं में खुशी है। जिला यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष नीरज चौरसिया ने कहा कि बीजेपी  झूठ फरेब से सत्ता हथियाने के लिए लोकतंत्र की हत्या तक कर दिया। सुप्रीम कोर्ट की मदद से उन भ्रष्ट नेताओं का चेहरा जनता के सामने बेनकाब  और उजागर हुआ ।

नीरज चौरसिया ने कहा कि एक तरफ मोदी जी कहते हैं कि ना खाएंगे ना खाने देंगे तो किस प्रकार से विधायकों की खरीद-फरोख्त कर अपने सत्ता एवं शक्ति का दुरुपयोग कर राज्यपाल को कठपुतली बनाकर  सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन  उनके मंसूबे पर पानी फिर गया यह लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने आगे कहा यह कांग्रेस की जीत है। इस लोकतांत्रिक जीत पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का आभार प्रकट करते हुए सभी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं बहुत-बहुत बधाई । साथ ही साथ नीरज चौरसिया ने कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। अंत में उन्होंने कहा सत्य परेशान हो सकता है किंतु पराजित नहीं।

हलांकि इन ढाई दिनों में काफी हाई वोल्टेज ड्रामा चला कर्नाटक की राजनीति में। कांग्रेस की तरफ से बीजेपी पर ये आरोप लगाए गए कि अपनी सरकार बचाने के लिए विधायकों की खरीद फरोख्त की कोशिश हो रही है। कांग्रेसी विधायकों को 100-100 करोड़ का ऑफर दिया जा रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। इस पूरे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला मील का पत्थर साबित हुआ। जिसमें येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए केवल एक दिन का वक्त दिया गया। जबकि राज्यपाल ने उन्हें 15 दिनों का वक्त दिया था।

 

Loading...